अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ‘बोर्ड ऑफ पीस’: गाजा के पुनर्निर्माण और शासन की कमान संभालेंगे अजय बंगा, टोनी ब्लेयर समेत वैश्विक नेता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा संघर्ष को समाप्त करने की अपनी 20 सूत्रीय योजना के दूसरे चरण की निगरानी के लिए एक नए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के सदस्यों की घोषणा की है, जिसमें विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर जैसे वैश्विक हस्तियां शामिल हैं।
वाशिंगटन/गाजा : दो साल से अधिक समय से चल रहे गाजा युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण, शासन और स्थिरता की जटिल प्रक्रिया की देखरेख के लिए अमेरिका ने एक नई अंतरराष्ट्रीय संरचना बनाई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के सदस्यों के नामों की घोषणा की, जो गाजा संघर्ष को समाप्त करने के उनके प्रयासों के दूसरे चरण का नेतृत्व करेंगे।
यह बोर्ड ट्रंप की 20-सूत्रीय व्यापक योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य इजरायल-हमास संघर्ष को समाप्त करना, गाजा में स्थायी शांति स्थापित करना, पुनर्निर्माण करना और समृद्धि लाना है।
प्रमुख सदस्य और उनकी भूमिकाएं
राष्ट्रपति ट्रंप खुद इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। संस्थापक कार्यकारी बोर्ड में शामिल प्रमुख हस्तियों की भूमिका इस प्रकार है:
· अजय बंगा (विश्व बैंक के अध्यक्ष): भारतीय मूल के अजय बंगा बोर्ड में पुनर्निर्माण और बड़े पैमाने पर वित्तपोषण की जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद है। यूएन के अनुसार, गाजा के पुनर्निर्माण में कई दशक लग सकते हैं और इसकी लागत 70 अरब डॉलर से अधिक हो सकती है।
· सर टोनी ब्लेयर (पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री): ब्लेयर 2007 से 2015 तक मध्य पूर्व के लिए क्वार्टेट (संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, अमेरिका और रूस) के दूत रह चुके हैं। उन्हें क्षेत्रीय संबंधों और राजनयिक समन्वय का दायित्व दिया गया है।
· मार्को रुबियो (अमेरिकी विदेश मंत्री): ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति के केंद्र में रुबियो हैं और बोर्ड में अमेरिकी राजनयिक प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाएंगे।
· जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ (ट्रंप के दूत): ट्रंप के दामाद कुशनर और उनके करीबी मित्र तथा रियल एस्टेट उद्योगपति विटकॉफ पहले से ही इजरायल-गाजा और रूस-यूक्रेन शांति वार्ताओं में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। विटकॉफ ने हाल ही में योजना के दूसरे चरण की शुरुआत की घोषणा की थी।
बोर्ड के अन्य सदस्यों में मार्क रोवन (अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ) और रॉबर्ट गैब्रियल (अमेरिकी उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार) शामिल हैं। आर्य लाइटस्टोन और जोश ग्रुएनबॉम को बोर्ड के वरिष्ठ सलाहकार नियुक्त किया गया है।
बोर्ड की संरचना और जमीनी हकीकत
यह बोर्ड एक बहु-स्तरीय प्रशासनिक ढांचे का सर्वोच्च निकाय होगा:
· बोर्ड ऑफ पीस: सर्वोच्च निकाय, जिसकी अध्यक्षता ट्रंप करेंगे।
· गाजा कार्यकारी बोर्ड: जमीनी स्तर के कामकाज की देखरेख करेगा। इसमें ब्लेयर, कुशनर, विटकॉफ के अलावा तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान और कतर के राजनयिक अली अल थवादी जैसे क्षेत्रीय नेता भी शामिल हैं।
· राष्ट्रीय समिति (NCAG): गाजा का दैनिक तकनीकी प्रशासन चलाने वाली 15 सदस्यीय फिलिस्तीनी समिति, जिसका नेतृत्व पूर्व फिलिस्तीनी अधिकारी अली शाथ करेंगे।
· जमीनी प्रतिनिधि: पूर्व यूएन दूत निकोले म्लादेनोव बोर्ड और NCAG के बीच मुख्य कड़ी होंगे।
· अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल (ISF): अमेरिकी मेजर जनरल जैस्पर जेफर्स की कमान में यह बल सुरक्षा और निरस्त्रीकरण को सुनिश्चित करेगा।
हालांकि, यह घोषणा एक नाजुक संदर्भ में आई है। अल जज़ीरा की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 में लागू युद्धविराम के पहले चरण के अधिकतर लक्ष्य पूरे नहीं हुए हैं। इजरायल ने 451 से अधिक फिलिस्तीनियों की मौत का कारण बने हमले जारी रखे हैं, पूर्ण सैन्य वापसी नहीं की है, और मानवीय सहायता पर प्रतिबंध लगाए हुए हैं।
विवाद और चुनौतियां
· राजनयिक दरार: बोर्ड में शीर्ष स्तर पर कोई फिलिस्तीनी या महिला सदस्य नहीं है, हालांकि व्हाइट हाउस ने आने वाले हफ्तों में और सदस्यों के नाम की घोषणा की संभावना जताई है। कुछ मानवाधिकार विशेषज्ञों ने किसी विदेशी क्षेत्र के शासन की निगरानी के लिए इस तरह के बोर्ड को औपनिवेशिक ढांचे जैसा बताया है।
· हमास का निरस्त्रीकरण: यह दूसरे चरण की सबसे बड़ी चुनौती है। ट्रंप ने हमास को “आसान या कठिन” तरीका चुनने की चेतावनी देते हुए तत्काल और पूर्ण निरस्त्रीकरण की मांग की है। हमास ने अब तक अपने हथियार छोड़ने से इनकार किया है।
· जमीनी हालात: गाजा में विनाश की सीमा भयावह है। संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी के अनुसार, गाजा में 60 मिलियन टन से अधिक मलबा है और इसे साफ करने में सात साल से अधिक का समय लग सकता है।
दूसरे चरण का फोकस अब लड़ाई रोकने से आगे बढ़कर अस्थायी शासन, निरस्त्रीकरण और पुनर्निर्माण पर है। इस बोर्ड की सफलता क्षेत्रीय नेताओं के सहयोग, हमास के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया और सबसे महत्वपूर्ण, गाजा की जनता की तीव्र पुनर्निर्माण की आवश्यकताओं को पूरा करने पर निर्भर करेगी।
Author: ainewsworld