केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 19,142 करोड़ के नासिक-सोलापुर 6 लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और ओडिशा में एनएच-326 के चौड़ीकरण को मंजूरी दी। जानें कैसे ये परियोजनाएं कनेक्टिविटी बढ़ाएंगी और आर्थिक विकास को गति देंगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को अपनी मंजूरी प्रदान की है। इनमें महाराष्ट्र में 6 लेन वाला नासिक-सोलापुर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और ओडिशा में एनएच-326 के चौड़ीकरण की परियोजना शामिल है। इन परियोजनाओं के माध्यम से कनेक्टिविटी बढ़ाने, यात्रा समय कम करने और आर्थिक विकास को गति देने का लक्ष्य रखा गया है।
नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर: एक नजर में
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने महाराष्ट्र में 374 किलोमीटर लंबे नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के निर्माण को स्वीकृति दी है।
· लागत: इस परियोजना पर कुल 19,142 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है।
· विशेषताएं: यह एक 6 लेन वाला, पहुंच-नियंत्रित (एक्सेस कंट्रोल्ड), हरित क्षेत्र (ग्रीनफील्ड) राजमार्ग होगा, जिसे 100 किमी प्रति घंटे की डिजाइन गति के साथ टोल सुविधा से लैस बनाया जाएगा।
· लाभ: सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह कॉरिडोर नासिक, अहिल्या नगर और सोलापुर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय शहरों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगा और कुरनूल से जोड़ने में मदद करेगा। यह यात्रा को सुरक्षित, तेज और निर्बाध बनाएगा तथा कुल यात्रा अवधि में लगभग 17 घंटे की कमी आने का अनुमान है।
· रोजगार: परियोजना के दौरान लगभग 25.1 लाख प्रत्यक्ष और 31.4 लाख अप्रत्यक्ष मानव कार्य दिवस का रोजगार सृजित होगा। आसपास की आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से अतिरिक्त रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
ओडिशा में एनएच-326 का चौड़ीकरण: दक्षिणी ओडिशा को मजबूती
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ओडिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग 326 (एनएच-326) के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण की परियोजना को भी मंजूरी दी है।
· लागत: इस परियोजना पर 1,526 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी।
· कार्य: इसमें मौजूदा दो-लेन वाले राजमार्ग के साथ ही एक अतिरिक्त दो-लेन वाली पक्की और समतल पट्टी (पावर्ड और पेव्ड शोल्डर) का निर्माण शामिल है।
· लाभ: इस उन्नयन से यात्रा तेज, सुरक्षित और अधिक विश्वसनीय होगी। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इससे गजपति, रायगढ़ और कोरापुट जैसे आकांक्षी और आदिवासी बहुल जिले विशेष रूप से लाभान्वित होंगे। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय समुदायों को बाजारों, स्वास्थ्य सेवाओं, शैक्षणिक संस्थानों, पर्यटन केंद्रों और रोजगार के अवसरों तक बेहतर पहुंच मिलेगी, जिससे दक्षिणी ओडिशा के समग्र विकास को गति मिलेगी।
राष्ट्रीय महत्व और अंतर्राष्ट्रीय संदर्भ
यह दोनों परियोजनाएं प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत एकीकृत परिवहन बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। नासिक-सोलापुर कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाएं न केवल क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देती हैं, बल्कि देश की लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार करके अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और निवेश के लिए भी अनुकूल माहौल बनाती हैं। ओडिशा की परियोजना समावेशी विकास के सिद्धांत को आगे बढ़ाते हुए दूरदराज के क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेगी।
इन परियोजनाओं के शुरू होने से भारत के बुनियादी ढांचे के विकास में एक नया अध्याय जुड़ेगा और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
Author: ainewsworld