विकसित भारत का रोडमैप: ग्रामीण रोजगार से लेकर रक्षा निर्यात तक, राष्ट्रपति मुर्मू ने रखी तीसरे कार्यकाल की प्राथमिकताएं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र की शुरुआत में संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए सरकार की नीतियों और भविष्य की योजनाओं का व्यापक ब्योरा पेश किया। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण की दिशा में ‘विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम’ एक मील का पत्थर साबित होगा, जो ग्रामीण विकास को नई गति देगा और भ्रष्टाचार रोकने में मददगार होगा।
ग्रामीण भारत को मिलेगी नई पहचान
राष्ट्रपति के अनुसार, नए कानून के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की गई है। इससे न केवल रोजगार सृजन होगा, बल्कि किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के लिए नई सुविधाएं भी विकसित होंगी। उन्होंने बताया कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अब लगभग 95 करोड़ भारतीयों तक पहुंचा है, जो 2014 में मात्र 25 करोड़ था।
आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
राष्ट्रपति मुर्मू ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने आतंकवादियों के खिलाफ दृढ़ता से कार्रवाई की है और किसी भी आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता दर्शाई है। उन्होंने सिंधु जल संधि के निलंबन को भी इसी रणनीति का हिस्सा बताया। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदमों को रेखांकित करते हुए उन्होंने बताया कि देश का रक्षा उत्पादन 2025 में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है और रक्षा निर्यात 23 हजार करोड़ रुपये के रिकॉर्ड को पार कर गया है।
माओवाद पर विजय और कृषि क्षेत्र में उछाल
राष्ट्रपति ने बताया कि माओवाद से प्रभावित जिलों की संख्या 126 से घटकर अब केवल 8 रह गई है, जिनमें से सिर्फ 3 जिले गंभीर रूप से प्रभावित हैं। पिछले एक साल में 2000 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने खाद्यान्न और बागवानी फसलों के रिकॉर्ड उत्पादन की बात कही। सरकार का लक्ष्य दालों, तिलहन और खाद्य तेलों के आयात को कम करना है।
ऊर्जा से लेकर कनेक्टिविटी तक: बुनियादी ढांचे का विस्तार
राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि भारत 2030 तक 500 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को प्राप्त कर लेगा। पूर्वोत्तर क्षेत्र में 7200 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए हैं, जिससे दूरदराज और सीमावर्ती इलाकों की पहुंच आसान हुई है।
न्यायिक सुधारों पर जोर
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) को तेजी से लागू किया जा रहा है। जन-विश्वास अधिनियम के नए संस्करण से 300 से अधिक प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से हटा दिया गया है, जिससे आम नागरिकों का जीवन आसान हुआ है।
उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कहा कि वर्ष 2026, विकसित भारत की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है और संसद, सरकार व नागरिक मिलकर इस संकल्प को पूरा करेंगे।
Author: ainewsworld