डाक विभाग ने ओएनडीसी के तहत पहली ऑनलाइन डिलीवरी पूरी की, रसद सेवा प्रदाता के रूप में दर्ज की बड़ी उपलब्धि
डाक विभाग ने डिजिटल कॉमर्स के क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) के माध्यम से अपना पहला ऑनलाइन ऑर्डर सफलतापूर्वक डिलीवर कर दिया है। यह उपलब्धि डाक विभाग की रसद सेवा प्रदाता (एलएसपी) के रूप में भूमिका की औपचारिक शुरुआत को दर्शाती है।
जानकारी के अनुसार, 13 जनवरी 2026 को ओएनडीसी प्लेटफॉर्म के जरिए पहला ऑनलाइन ऑर्डर बुक किया गया था, जिसे 15 जनवरी 2026 को सफलतापूर्वक ग्राहक तक पहुंचा दिया गया। यह ऑर्डर UdyamWell द्वारा दिया गया था, जो ओएनडीसी-सक्षम पहल के तहत कारीगरों, किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।
ओएनडीसी के साथ डाक विभाग का एकीकरण
डाक विभाग का ओएनडीसी के साथ एकीकरण होने से अब ओएनडीसी-सक्षम खरीदार प्लेटफॉर्म पर मौजूद व्यापारी लॉजिस्टिक्स सेवाओं के लिए डाक विभाग का चयन कर सकते हैं। पार्सल पिकअप से लेकर बुकिंग, ट्रांसमिशन और अंतिम डिलीवरी तक की पूरी प्रक्रिया डाक विभाग अपने देशव्यापी डाक नेटवर्क के माध्यम से पूरी कर रहा है।
यह व्यवस्था खासतौर पर उन छोटे व्यापारियों और उद्यमियों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, जिन्हें भरोसेमंद और किफायती लॉजिस्टिक्स सेवाओं की आवश्यकता होती है।
“क्लिक एंड बुक” मॉडल से आसान लॉजिस्टिक्स
वर्तमान में डाक विभाग ओएनडीसी प्लेटफॉर्म पर “क्लिक एंड बुक” मॉडल के तहत लाइव है। इस मॉडल के जरिए विक्रेता डिजिटल रूप से पिकअप अनुरोध तैयार कर सकते हैं, डाक विभाग को लॉजिस्टिक्स पार्टनर के रूप में चुन सकते हैं और अपने स्थान से पार्सल कलेक्ट करवा सकते हैं।पिकअप के समय ही पार्सल को डाक प्रणाली में शामिल कर लिया जाता है, जिसके बाद तकनीक-सक्षम लॉजिस्टिक्स सिस्टम के माध्यम से कंसाइनमेंट को ट्रैक किया जाता है और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जाती है।
डिजिटल ई-कॉमर्स को मिलेगा नया बल
अपनी व्यापक पहुंच, वर्षों पुरानी विश्वसनीय सार्वजनिक सेवा और तेजी से विकसित हो रही डिजिटल क्षमताओं के चलते, ओएनडीसी पर रसद सेवा प्रदाता के रूप में डाक विभाग की भागीदारी से देश के डिजिटल ई-कॉमर्स इकोसिस्टम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लघु एवं मध्यम उद्यमों, ग्रामीण व्यापारियों और छोटे विक्रेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर भागीदारी बढ़ेगी और उन्हें बड़े डिजिटल बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
डाक विभाग की यह पहल भारत में समावेशी डिजिटल व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Author: ainewsworld