राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) का प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर 2026 दिल्ली कैंट स्थित करियप्पा परेड ग्राउंड में आयोजित किया जा रहा है। एक महीने तक चलने वाले इस वार्षिक शिविर का मुख्य उद्देश्य युवा कैडेटों को देश की सांस्कृतिक विरासत और गणतंत्र दिवस परेड की ऐतिहासिक परंपरा से रूबरू कराना है।
इस वर्ष के शिविर में देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कुल 2,406 चुने हुए एनसीसी कैडेट भाग ले रहे हैं, जिनमें 898 लड़कियां शामिल हैं। विशेष बात यह है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से 127 तथा पूर्वोत्तर राज्यों से 131 कैडेट इस राष्ट्रीय आयोजन का हिस्सा बने हैं।
अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पर विशेष ध्यान
इस शिविर की एक प्रमुख विशेषता युवा विनिमय कार्यक्रम के तहत 25 मित्र देशों के कैडेटों और अधिकारियों की भागीदारी है। यह पहल भारत की ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को दर्शाती है और अंतरराष्ट्रीय युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने का एक मंच प्रदान करती है।
गणतंत्र दिवस परेड में सक्रिय भूमिका
गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान, इन एनसीसी कैडेटों का एक दल फायरिंग और मार्चिंग जैसी विशेष गतिविणियों का प्रदर्शन करेगा। शिविर के दौरान विभिन्न निदेशालयों के बीच प्रतिस्पर्धात्मक प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है।
एनसीसी का बढ़ता दायरा
एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने बताया कि संगठन का दायरा लगातार बढ़ रहा है। देश भर में एनसीसी कैडेटों की कुल संख्या बढ़कर 20 लाख हो गई है, जिसमें 40 प्रतिशत बालिका कैडेट हैं। यह युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और नेतृत्व के गुण विकसित करने के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।
यह शिविर 28 जनवरी को प्रधानमंत्री की रैली के साथ संपन्न होगा, जहां कैडेटों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल भारतीय युवाओं को एकजुट कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा दे रहा है।
Author: ainewsworld