“यह अभूतपूर्व प्रतिक्रिया कार्यक्रम की बढ़ती लोकप्रियता और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को संबोधित करने में इसकी सफलता को दर्शाती है।” — शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख संवाद कार्यक्रम ‘परीक्षा पे चर्चा’ (Pariksha Pe Charcha – PPC) ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। 2025 के अंत तक, कार्यक्रम के 9वें संस्करण (PPC 2026) के लिए 3 करोड़ (3,06,55,280) से अधिक पंजीकरण दर्ज किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा इस कार्यक्रम को छात्रों, अभिभावकों और शिक्क्षकों के बीच एक सच्चे जन आंदोलन के रूप में स्थापित करता है।
📈 पंजीकरण का विस्तृत ब्यौरा
31 दिसंबर, 2025 तक एकत्र किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भागीदारी इस प्रकार रही:
· कुल प्रतिभागी: 3,06,55,280
· छात्र (कक्षा 6-12): 2,85,96,651 (लगभग 93%)
· शिक्षक: 17,08,703
· अभिभावक: 3,49,926
🔄 विकास यात्रा: 22,000 से 3.5 करोड़ तक का सफर
परीक्षा पे चर्चा की लोकप्रियता में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है:
· 2018 (पहला संस्करण): लगभग 22,000 पंजीकरण।
· 2025 (आठवां संस्करण): 3.56 करोड़ पंजीकरण, जिसके लिए एक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बना।
· 2026 (नौवां संस्करण, चालू): पहले ही 3.06 करोड़+ पंजीकरण प्राप्त, जो पिछला रिकॉर्ड तोड़ने की राह पर है।
इस कार्यक्रम ने 2025 में 245 से अधिक देशों के छात्रों, 153 देशों के शिक्षकों और 149 देशों के अभिभावकों को आकर्षित कर एक वैश्विक पहचान बनाई है।
📝 PPC 2026 में भाग कैसे लें?
PPC 2026 का नौवां संस्करण जनवरी 2026 में आयोजित किया जाएगा। भाग लेने की प्रक्रिया सरल और डिजिटल है:
· पंजीकरण अवधि: 1 दिसंबर 2025 से 11 जनवरी 2026 तक।
· आधिकारिक पोर्टल: MyGov इनोवेट (innovateindia1.mygov.in)।
· पात्रता: कक्षा 6 से 12 के छात्र, उनके अभिभावक और शिक्षक।
· प्रक्रिया:
1. आधिकारिक वेबसाइट पर ‘Participate Now’ पर क्लिक करें।
2. अपनी श्रेणी (छात्र, शिक्षक, अभिभावक) चुनें।
3. एक ऑनलाइन MCQ-आधारित प्रतियोगिता/गतिविधि में भाग लें।
4. छात्र प्रधानमंत्री के लिए 500 अक्षरों तक का एक प्रश्न भी जमा कर सकते हैं।
· प्रमाण पत्र: गतिविधि पूरी करने वाले सभी पंजीकृत प्रतिभागियों को एक डिजिटल भागीदारी प्रमाण पत्र प्राप्त होगा।
· विशेष अवसर: कुछ चयनित प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री के साथ सीधे संवाद का अवसर मिल सकता है।
🧠 क्यों महत्वपूर्ण है परीक्षा पे चर्चा?
यह कार्यक्रम केवल एक संवाद से आगे बढ़कर ‘एग्जाम वारियर्स’ नामक एक राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा बन गया है। इसका मुख्य लक्ष्य है:
· परीक्षा के तनाव को कम करना और इसे जीवन उत्सव का हिस्सा बनाना।
· छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना।
· सकारात्मक व आत्मविश्वासी दृष्टिकोण को बढ़ावा देना।
· छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच एक साझा समझ और समर्थन का मंच प्रदान करना।
3 करोड़ का आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि देश की युवा पीढ़ी और शिक्षा तंत्र की एक सामूहिक आकांक्षा का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि परीक्षा के दबाव को एक सकारात्मक और सीखने के अनुभव में कैसे बदला जा सकता है।
Author: ainewsworld