ताइवान को हथियार बेचने पर चीन का बड़ा एक्शन, 20 अमेरिकी रक्षा कंपनियों और 10 लोगों पर लगाए प्रतिबंध

 नॉर्थरोप ग्रुमन और बोइंग जैसी कंपनियां प्रतिबंधित, अमेरिकी विदेश विभाग ने जताया विरोध; 11 अरब डॉलर के हथियार डील के बाद तनाव बढ़ा

बीजिंग/वाशिंगटन: ताइवान को हथियार बेचने के मामले में चीन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 अमेरिकी रक्षा कंपनियों और 10 व्यक्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन प्रतिबंधित व्यक्तियों में एंडुरिल इंडस्ट्रीज के संस्थापक और कई कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, जिन पर चीन में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।

प्रतिबंधित कंपनियों की सूची में नॉर्थरोप ग्रुमन सिस्टम्स कॉर्पोरेशन, एल-3 हैरिस मैरीटाइम सर्विसेज, और बोइंग की सेंट लुइस शाखा जैसी प्रमुख रक्षा कंपनियां शामिल हैं। चीन के इस कदम का मतलब है कि इन कंपनियों और व्यक्तियों की चीन में मौजूद किसी भी संपत्ति को जब्त किया जा सकता है और उनके साथ चीनी संगठनों के किसी भी तरह के व्यापार पर रोक लग जाएगी।

अमेरिका ने जताया कड़ा विरोध

अमेरिकीविदेश विभाग के प्रवक्ता ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने चीन द्वारा प्रतिबंधित कंपनियों और व्यक्तियों की संपत्तियों को फ्रीज करने तथा उनके साथ व्यापार प्रतिबंधित करने के फैसले की निंदा की है। यह कदम अमेरिका-चीन संबंधों में एक नया तनाव पैदा करने वाला है।

11 अरब डॉलर के हथियार डील के बाद बढ़ा तनाव

चीन कायह फैसला ऐसे समय में आया है जब पिछले हफ्ते अमेरिका ने ताइवान को 11 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के हथियारों की बिक्री की घोषणा की थी। इसे ताइवान के लिए अब तक का सबसे बड़ा हथियार पैकेज माना जा रहा है। चीन लगातार ताइवान को हथियार बेचने के अमेरिका के कदमों का विरोध करता रहा है और इसे अपनी ‘एक चीन’ नीति का उल्लंघन बताता है। चीन ताइवान को अपना अभिन्न अंग मानता है।

इस प्रतिबंध के बाद अब नजर दोनों देशों की अगली चाल पर है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्रवाई दोनों महाशक्तियों के बीच भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का एक नया अध्याय है और इससे ताइवान जलडमरूमध्य का तनाव और बढ़ सकता है।

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Author: ainewsworld

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