
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि यह सिर्फ परियोजनाओं की शुरुआत नहीं, बल्कि क्षेत्र में नई संभावनाओं और आत्मनिर्भरता के युग का प्रारंभ है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने मंगलवार को संसदीय क्षेत्र कोटा के रामगंजमंडी में 158 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और विकास की नई मिसाल बनेगा।
विकास के नए दौर का शुभारंभ

समारोह को संबोधित करते हुए श्री बिड़ला ने कहा, “यह केवल परियोजनाओं की शुरुआत नहीं, बल्कि क्षेत्र की नई संभावनाओं और आत्मनिर्भरता के युग का आरंभ है।” उन्होंने बताया कि क्षेत्र में सिंचाई, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। इन परियोजनाओं में खेतों तक पानी पहुँचाने से लेकर युवाओं के लिए आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना शामिल है।
श्री बिड़ला ने जोर देकर कहा, “हमारा उद्देश्य है कि रामगंजमंडी क्षेत्र आत्मनिर्भरता और विकास की नई मिसाल बने। हर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए, यही हमारा संकल्प है।”
देशव्यापी आत्मनिर्भरता के प्रयासों से सामंजस्य
लोकसभा अध्यक्ष का यह कार्यक्रम उनकी उस सोच से मेल खाता है, जिसमें वह महिला सशक्तिकरण और स्थानीय विकास को राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला मानते हैं। हाल ही में तिरुपति में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में उन्होंने कहा था कि “भारत तभी एक समावेशी और विकसित राष्ट्र बनेगा, जब बेटियां शिक्षित और आत्मनिर्भर बनेंगी”। उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के विजन में महिला-नेतृत्व वाले विकास को केंद्रीय भूमिका दिए जाने पर भी बल दिया है।
इसी कड़ी में ग्रामीण भारत में आत्मनिर्भरता की जो मिसालें सामने आ रही हैं, जैसे हरिद्वार में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा फूलों और गोबर से पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद बनाना, वह इसी दिशा में एक सार्थक पहल है। इसी प्रकार झारखंड के पाकुड़ जैसे जिलों में पंचायतों के वित्तीय सशक्तिकरण पर जोर दिया जा रहा है, जो श्री बिड़ला के इस विश्वास को दर्शाता है कि ग्राम पंचायतों की आत्मनिर्भरता ही विकसित भारत की कुंजी है।
रामगंजमंडी में शुरू हो रहा विकास का यह अभियान कोटा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक पल है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के नेतृत्व और निरंतर प्रयासों से यह क्षेत्र न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में भी एक नई पहचान बनाएगा। इससे स्थानीय युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और किसानों की आय में वृद्धि होगी, जिससे आत्मनिर्भर कोटा का संकल्प साकार हो सकेगा।
Author: ainewsworld