अमृत 2.0 और ताकली बांध समेत प्रमुख परियोजनाओं की हुई समीक्षा

 

लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज कोटा स्थित अपने कार्यालय पर संसदीय क्षेत्र की प्रमुख पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि पेयजल जनजीवन की मूलभूत आवश्यकता और विकास का आधार है, तथा कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र का कोई भी गांव या वार्ड जल अभाव से न जूझे, यही सरकार का लक्ष्य है।

बैठक में अमृत 2.0, ताकली बाँध और नवनेरा वृहद पेयजल परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में स्थायी रूप से जल संकट दूर होने की उम्मीद है।

श्री बिरला ने बताया कि 395 करोड़ की अमृत 2.0 योजना और 111 करोड़ की ताकली बाँध परियोजना शुरू होने के बाद कोटा, बूंदी और रामगंजमंडी क्षेत्र के हजारों परिवारों को स्वच्छ पेयजल मिलेगा। नवनेरा परियोजना के पूर्ण होने पर क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में स्थायी रूप से जल संकट दूर होगा। इन योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र के हर परिवार तक शुद्ध जल पहुँचाना सुनिश्चित किया जाएगा।

यह उल्लेखनीय है कि श्री बिरला हाड़ौती क्षेत्र में पेयजल समस्या के समाधान के लिए पहले भी सक्रिय रुख अख्तियार कर चुके हैं। इसी क्रम में, उन्होंने पिछले महीनों में चंबल नदी के पानी को दूर-दराज के गांवों तक पहुंचाने वाली 300 करोड़ रुपये की अमृत-2 योजना पर भी प्रगति की समीक्षा की थी और इस परियोजना के दो वर्षों के भीतर पूरा होने की बात कही थी ।

जल संकट से निपटने की दिशा में सार्थक पहल

राजस्थान का हाड़ौती क्षेत्र कई वर्षों से पेयजल संकट से जूझ रहा है। श्री बिरला ने इस चुनौती को गंभीरता से लेते हुए इसे दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। अतीत में भी, कोटा शहर में अतिवृष्टि और जलभराव की समस्या के समाधान के दौरान उन्होंने अधिकारियों को जलभराव के स्थायी समाधान ढूंढने और रानपुर तालाब व अलनिया क्षेत्र में जल को चम्बल नदी की ओर मोड़ने के लिए विशेष डायवर्जन की योजना बनाने के निर्देश दिए थे ।

आज की इस बैठक में शामिल प्रमुख बिंदु निम्नलिखित थे:

· ✅ परियोजना समीक्षा: अमृत 2.0, ताकली बाँध और नवनेरा जैसी सभी प्रमुख पेयजल परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और प्रगति की गहन समीक्षा।
· ✅ लक्ष्य निर्धारण: संसदीय क्षेत्र के हर गाँव और वार्ड को जलसंकट से मुक्त करने के लक्ष्य पर मंथन।
· ✅ वित्तीय निवेश: क्षेत्र की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर चर्चा।

इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल कोटा-बूंदी क्षेत्र के ग्रामीणों और शहरी निवासियों को रोज़ाना की आवश्यकता पूरी करने में मदद मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास और स्वास्थ्य संबंधी हालात में भी सुधार आने की संभावना है। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में कमी आएगी और लोगों का जीवन-स्तर उन्नत होगा।

श्री बिरला ने बैठक के अंत में यह आश्वासन दिया कि वह इन सभी परियोजनाओं की प्रगति पर निरंतर नज़र बनाए रखेंगे और किसी भी प्रकार की बाधा को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे, ताकि क्षेत्र के हर नागरिक तक शुद्ध पेयजल की पहुंच जल्द से जल्द सुनिश्चित की जा सके।

 

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Author: ainewsworld

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