विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जनजातीय महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का अभियान तेज किया गया है।
जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने बताया कि जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ (ट्राइफेड) के जरिए प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन (पीएमजेवीएम) को कार्यान्वित कर रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जनजातीय लोगों, विशेषकर महिलाओं की उद्यमिता और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
वन धन विकास केंद्रों से हो रहा सामूहिक लाभ
इस योजना के तहत वन धन विकास केंद्रों (VDVK) की स्थापना के लिए धन उपलब्ध कराया जाता है। ये केंद्र मूल रूप से जनजातीय स्वयं सहायता समूहों के ऐसे समूह (क्लस्टर) होते हैं, जो लघु वन उत्पादों (MFP) और अन्य उत्पादों के मूल्यवर्धन एवं विपणन से समुदाय को व्यापक लाभ पहुंचाते हैं।
· प्रत्येक वन धन विकास केंद्र में लगभग 15 स्वयं सहायता समूह और अधिकतम 300 सदस्य होते हैं, जिनमें अधिकांश जनजातीय महिलाएं शामिल हैं।
· अब तक देश भर में कुल 4,105 वन धन विकास केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनसे 12.27 लाख से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं।
· इसके अलावा, प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के तहत भी 539 अतिरिक्त वीडीवीके को मंजूरी दी गई है, जो लगभग 45,924 नए सदस्यों को जोड़ेंगे।
देश-विदेश तक पहुंच रहे हैं जनजातीय उत्पाद
पीएमजेवीएम योजना के तहत खुदरा विपणन गतिविधियों को विस्तार दिया जा रहा है। जनजातीय कारीगरों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प, हथकरघा और प्राकृतिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचाने के लिए ट्राइफेड ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
1. फिजिकल रिटेल नेटवर्क का विस्तार: ट्राइफेड का रिटेल नेटवर्क देश भर में लगभग 110 आउटलेट्स तक पहुंच गया है। इनमें ‘ट्राइब्स इंडिया’ स्टोर, कंसाइनमेंट और फ्रेंचाइजी आधार पर संचालित आउटलेट शामिल हैं।
2. नए ई-कॉमर्स पोर्टल की शुरुआत: डिजिटल पहुंच बढ़ाने के लिए ट्राइफेड ने हाल ही में एक नया और उन्नत ई-कॉमर्स पोर्टल ‘tribesindia.com’ लॉन्च किया है। इस पोर्टल को बेहतर यूजर इंटरफेस और अनुभव के साथ विकसित किया गया है।
3. अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी: जनजातीय उत्पादों का वैश्विक ब्रांडिंग और बाजार विस्तार करने के लिए ट्राइफेड विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय है। हाल ही में इसने मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया), फ्रैंकफर्ट (जर्मनी) और बर्मिंघम (यूके) में आयोजित प्रदर्शनियों में हिस्सा लिया। साथ ही, 8 विदेशी भारतीय दूतावासों में जनजातीय उत्पादों के स्टॉल स्थापित किए गए हैं।
सरकार की इन पहलों का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि जनजातीय समुदायों, खासकर महिलाओं और युवाओं, को एक स्थायी रोजगार और गौरवपूर्ण आजीविका का स्रोत देना है। वन धन विकास केंद्रों के माध्यम से स्थानीय संसाधनों के दोहन से लेकर ‘ट्राइब्स इंडिया’ जैसे ब्रांड के तहत वैश्विक बाजार में पहुंच बनाने तक का यह सफर, विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह देश के आदिवासी समुदायों की सृजनात्मक ऊर्जा और उद्यमशीलता को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है।
Author: ainewsworld