अमेरिका में सियासी भूचाल: सुप्रीम कोर्ट ने रोका तो ट्रंप ने और बढ़ाया टैरिफ,पूरी दुनिया की बढ़ी टेंशन

अमेरिका में एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करारा झटका दिया है, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप प्रशासन ने और भी आक्रामक रुख अपना लिया है. सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के कुछ ही घंटों बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने वैश्विक टैरिफ (शुल्क) को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा कर दी है. इस फैसले से न सिर्फ अमेरिका बल्कि भारत, चीन, रूस और खाड़ी देशों (UAE) की अर्थव्यवस्थाओं में हलचल मच गई है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप को बड़ा झटका

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम (IEEPA) राष्ट्रपति को मनमाने ढंग से व्यापक और सर्वव्यापी टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है. 6-3 के बहुमत से आए इस फैसले को ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी कानूनी हार मानी जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से अरबों डॉलर के रिफंड दावों का रास्ता खुल सकता है, यानी जिन कंपनियों ने पिछले टैरिफ का भुगतान किया था, वे अब अपना पैसा वापस मांग सकती हैं.

गुस्साए ट्रंप का नया दांव: 15% वैश्विक टैरिफ

अदालत में मिली हार से गुस्साए राष्ट्रपति ट्रंप ने तुरंत पलटवार किया. व्हाइट हाउस में आपातकालीन प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने इसे “बेहद निराशाजनक” बताया और कुछ न्यायाधीशों पर साहस की कमी का आरोप लगाया. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि उनकी व्यापार नीति में कोई बदलाव नहीं होगा.

ट्रंप ने ऐलान किया, “अदालत ने हमारे हाथ में एक ताकत कम की है, लेकिन हमारे पास दूसरे विकल्प हैं. मैं मौजूदा शुल्कों के अतिरिक्त 10% का नया वैश्विक टैरिफ लगा रहा हूं, जिसे बढ़ाकर अब हम कुल 15% का शुल्क वसूलेंगे. राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े टैरिफ पहले की तरह जारी रहेंगे.”

भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर?

यह फैसला सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है, इसकी लहर पूरी दुनिया में देखने को मिलेगी.

· भारत पर सीधा प्रभाव: अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. नए टैरिफ से भारतीय IT, टेक्सटाइल और ऑटोमोबाइल सेक्टर को झटका लग सकता है. भारत को अपने एक्सपोर्ट महंगे पड़ेंगे, जिससे भारतीय कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है.
· चीन और रूस: अमेरिका पहले ही चीन के साथ टैरिफ वॉर लड़ रहा है. इस नए टैरिफ से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) पर दबाव बढ़ेगा. रूस पर भी इसका अप्रत्यक्ष असर पड़ेगा क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमोडिटी की कीमतें प्रभावित होंगी.
· UAE और खाड़ी देश: अमेरिका के इस कदम से डॉलर मजबूत हो सकता है, जिससे तेल की कीमतों पर असर पड़ेगा. खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्था तेल से जुड़ी होने के कारण यहां भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
· फ्रांस और यूरोप: अमेरिका के इस एकतरफा फैसले से फ्रांस समेत पूरा यूरोपीय संघ (EU) नाराज है. यूरोपीय नेताओं ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जिससे नई व्यापारिक जंग छिड़ सकती है.

आगे क्या?

राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वह राजस्व अर्जित करने और अमेरिका को आत्मनिर्भर बनाने के लिए और भी मजबूत विकल्पों पर काम कर रहे हैं. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की रोक और अब बढ़े हुए टैरिफ ने दुनिया भर की सरकारों की चिंता बढ़ा दी है. देखना होगा कि भारत समेत दूसरे देश अमेरिका के इस नए टैरिफ प्रस्ताव का क्या जवाब देते हैं.

नोट: यह समाचार मूल रूप से अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले और राष्ट्रपति ट्रंप की प्रतिक्रिया पर आधारित है। वैश्विक प्रभाव का विश्लेषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आर्थिक आंकड़ों और विशेषज्ञ राय के अनुरूप किया गया है।

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Author: ainewsworld

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