नई दिल्ली: भारत के मेडटेक स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ा अवसर सामने है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कर दिया है कि अब सीमाओं से बाहर निकलने का समय आ गया है। उन्होंने मेडटेक इनोवेटर्स से कहा है कि वे दुनिया के उन बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करें, जहां भारत के व्यापार समझौतों का लाभ उठाकर शून्य शुल्क पर निर्यात किया जा सकता है।
दिल्ली में फाइजर इनोवेशन स्टार्टअप शोकेस कार्यक्रम में बोलते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले तीन साल में भारत ने नौ देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। ये समझौते 38 विकसित देशों को कवर करते हैं, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, यूरोपीय संघ के 27 देश और EFTA समूह शामिल हैं।
कहां-कहां मिलेगी सीधी एंट्री?
मंत्री गोयल ने बताया कि भारत अब वैश्विक जीडीपी के 70 प्रतिशत हिस्से पर बिना टैक्स के अपने उत्पाद उतार सकता है। यानी अमेरिका, यूरोप, जापान, कोरिया, आसियान देशों के अलावा अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, मध्य एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया के बाजार भारतीय स्टार्टअप्स के लिए पूरी तरह खुले हैं।
विशाखापत्तनम की तर्ज पर उत्तर भारत में भी बनेगा मेडटेक जोन
पीयूष गोयल ने यह भी संकेत दिया कि आंध्र प्रदेश मेडटेक जोन की तर्ज पर अब उत्तर भारत में भी चिकित्सा उपकरणों के लिए समर्पित सुविधा शुरू की जा सकती है। इसके लिए राजस्थान या उत्तर प्रदेश में संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। यहां स्टार्टअप्स को को-वर्किंग स्पेस, प्रयोगशालाएं और औद्योगिक भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
असफलता को कलंक न मानें: गोयल
स्टार्टअप फाउंडर्स को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि असफलता को असफलता न समझें। उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का उदाहरण दिया, जो शिक्षा, व्यवसाय और चुनावों में बार-बार हारे, लेकिन आखिरकार दुनिया के सबसे ताकतवर लोकतंत्र के शीर्ष पद तक पहुंचे।
डिजाइन से दमकेंगे प्रोडक्ट्स, पूर्वी भारत में खुलेगा नया NID
मंत्री ने बताया कि पूर्वी भारत में जल्द ही राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID) खोला जाएगा। यह संस्थान स्टार्टअप्स को फ्री डिजाइन असिस्टेंस दे सकता है, ताकि उनके उत्पाद ग्लोबल स्टैंडर्ड पर खरे उतरें। साथ ही तीन नए एनआईपीईआर (राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान) स्थापित किए जा रहे हैं।
IP रजिस्ट्रेशन पर 80% छूट, FDA अप्रूवल की ओर बढ़े स्टार्टअप्स
सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) पंजीकरण शुल्क में 80 प्रतिशत की कटौती कर रखी है। पीयूष गोयल ने बताया कि कई भारतीय मेडटेक स्टार्टअप्स को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से मंजूरी मिल चुकी है, जबकि कुछ अमेरिकी FDA की मंजूरी की अंतिम सीढ़ी पर हैं।
पीएम मोदी के संदेश के साथ समापन
अपने संबोधन के अंत में पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस के उस संदेश को दोहराया, जिसमें उन्होंने युवाओं से कहा था- “अपने नवोन्मेषी विचारों को आगे लाएं। मैं आपके साथ हूं।”
भारत सिर्फ बाजार नहीं, मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा
मंत्री ने साफ किया कि भारत सिर्फ एक बाजार नहीं है, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का विश्वसनीय केंद्र बनने जा रहा है। देश में 2 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स हैं और यह संख्या तेजी से बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य भारत को भरोसेमंद वैश्विक पार्टनर के रूप में स्थापित करना है।
(यह खबर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आधिकारिक बयान पर आधारित है।)
Author: ainewsworld