भारत और जीसीसी ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते का रास्ता साफ किया, व्यापार को नई उड़ान मिलेगी

नई दिल्ली: भारत और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने आज एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए संदर्भ शर्तों पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए। इस समझौते से भारत और खाड़ी देशों के बीच 170 अरब डॉलर से अधिक के मौजूदा व्यापार को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। यह समझौता भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय आर्थिक साझेदारी में एक नया अध्याय जोड़ेगा।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में आयोजित समारोह में इस पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि यह समझौता एक “महत्वपूर्ण व्यापार गलियारे का द्वार” खोलेगा और दोनों पक्षों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
एक नजर में: समझौते के मुख्य बिंदु
· ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा बल: श्री गोयल ने कहा कि यह एफटीए भारत के ऊर्जा स्रोतों के विविधीकरण में मदद करेगा, जिससे दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षा मजबूत होगी। खाड़ी देश भारत के लिए कच्चे तेल और गैस के प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं।
· व्यापार का विस्तार: वर्तमान में दोनों पक्षों के बीच व्यापार लगभग 170 अरब डॉलर का है, जिसमें भारी वृद्धि की संभावना है।
· प्रवासी भारतीयों को लाभ: लगभग एक करोड़ भारतीय जीसीसी देशों (सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, ओमान, बहरीन) में रहते और काम करते हैं। यह समझौता उनके लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
· प्रमुख क्षेत्रों को फायदा: श्री गोयल ने बताया कि इससे भारत का खाद्य प्रसंस्करण, बुनियादी ढांचा, पेट्रोकेमिकल और आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) क्षेत्र विशेष रूप से लाभान्वित होंगे।
· अमेरिका के साथ भी समझौता करीब: इस घोषणा के साथ ही, मंत्री ने खुलासा किया कि भारत जल्द ही अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते की पहली किस्त की घोषणा करेगा। यह भारत-अमेरिका द्विपक्षीय समझौता भारत का नौवां मुक्त व्यापार समझौता होगा।
अंतरराष्ट्रीय प्रभाव: अमेरिका, यूक्रेन और रूस के संदर्भ में
यह समझौता केवल एक क्षेत्रीय करार नहीं है, बल्कि वैश्विक व्यापार समीकरणों को प्रभावित करने वाला है। अमेरिका के साथ चल रही बातचीत और यह नया जीसीसी समझौता, भारत की व्यापार कूटनीति की सक्रियता को दर्शाता है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य, जहां यूक्रेन संकट और रूस पर प्रतिबंधों के कारण आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हुई हैं, में भारत द्वारा नए और मजबूत व्यापार गठजोड़ बनाना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह समझौता भारत को ऊर्जा और व्यापार की दृष्टि से एक स्थिर और विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करता है।
आगे का रास्ता
श्री गोयल ने जोर देकर कहा कि भारत और जीसीसी देशों के लिए औपचारिक मुक्त व्यापार समझौते पर पहुंचने का समय आ गया है। संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर इस दिशा में पहला बड़ा कदम है। अब दोनों पक्ष वास्तविक समझौते की शर्तों पर बातचीत तेज करेंगे।
इस समझौते से न केवल भारत और खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्थाओं को गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि यह पूरे एशिया और विश्व में आर्थिक सहयोग के लिए एक नया मॉडल भी प्रस्तुत कर सकता है.
Author: ainewsworld