केंद्रीय बजट 2026-27: टैक्स में बदलाव नहीं, हेल्थ-इंफ्रा और टेक्नोलॉजी पर ऐतिहासिक दांव, केंद्रीय बजट 2026-27 में मोदी सरकार का बड़ा ऐलान – 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, 3 आयुर्वेदिक एम्स, कैंसर की 17 दवाइयां कस्टम ड्यूटी फ्री। जानिए बजट की बड़ी बातें।

Budget 2026-27: No Tax Relief, But Big Boost for Infrastructure, Healthcare & Semiconductor | Modi Govt Vision

केंद्रीय बजट 2026-27 पेश: मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का विकासोन्मुख रोडमैप

Budget 2026-27: No Tax Relief, But Big Boost for Infrastructure, Healthcare & Semiconductor | Modi Govt Vision
Union Budget 2026 India

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का बहुप्रतीक्षित केंद्रीय बजट 2026-27 आज संसद में पेश किया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार देश का बजट प्रस्तुत किया। करीब 85 मिनट लंबे बजट भाषण में उन्होंने साफ किया कि इस बार इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थ, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी पर बड़ा फोकस रखा है।
यह बजट न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक निवेशकों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भी अहम संकेत देता है कि भारत तेजी से एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।
बजट 2026-27 की प्रमुख घोषणाएं
🔹 कैंसर की 17 दवाइयां कस्टम ड्यूटी फ्री
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत देते हुए सरकार ने कैंसर की 17 जीवनरक्षक दवाइयों को कस्टम ड्यूटी से मुक्त करने का ऐलान किया है। इससे इन दवाओं की कीमतें कम होंगी और इलाज आम लोगों की पहुंच में आएगा। यह कदम भारत को ग्लोबल मेडिकल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
🔹 3 आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना
भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से सरकार ने 3 नए आयुर्वेदिक एम्स खोलने की घोषणा की है। इससे मेडिकल टूरिज्म और आयुर्वेदिक रिसर्च को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।
🔹 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
देश की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे। इससे न केवल यात्रा समय घटेगा, बल्कि लॉजिस्टिक्स और व्यापार को भी जबरदस्त मजबूती मिलेगी।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश
वित्त मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स तय किया गया है, जो पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह निवेश भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का अहम केंद्र बनाने में मदद करेगा।
इंफ्रा से जुड़ी बड़ी घोषणाएं:
डानकुनी (पश्चिम बंगाल) के लिए नया फ्रेट कॉरिडोर
केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल कॉरिडोर
बड़े टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना
इन कदमों से भारत की औद्योगिक क्षमता और निर्यात क्षमता दोनों में वृद्धि होने की उम्मीद है।
फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर पर जोर
🔹 ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना
सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ ‘बायो-फार्मा शक्ति’ योजना शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत तीन नए रिसर्च संस्थान स्थापित होंगे, जिससे भारत वैश्विक फार्मा इंडस्ट्री में मजबूत भूमिका निभा सकेगा।
🔹 सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0
भारत अपना सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च करेगा। यह कदम भारत को चिप मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाने और अमेरिका, जापान व यूरोप जैसे देशों के साथ तकनीकी साझेदारी बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
🔹 इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स के निर्माण के लिए बजट बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिससे भारत की स्थिति चीन-प्लस-वन रणनीति में और मजबूत होगी।
सरकार का फोकस: ये 6 बड़े सेक्टर
रणनीतिक मैन्युफैक्चरिंग – नए और उभरते क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाना
पुराने उद्योगों का पुनरुद्धार
MSME को ग्लोबल चैंपियन बनाना
सड़कों, रेलवे और इंफ्रा का विस्तार
आर्थिक सुरक्षा और स्थिरता
शहरों को व्यापारिक और आर्थिक हब बनाना
बजट 2026 के 3 बड़े विजन
रफ्तार – प्रोडक्टिविटी बढ़ाकर तेज आर्थिक विकास
क्षमता – स्किल डेवलपमेंट और मानव संसाधन का विकास
सबका साथ – हर परिवार को कमाई और अवसर उपलब्ध कराना
अर्थव्यवस्था पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत ने पिछले वर्षों में:
आत्मनिर्भर मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया
करीब 7% की विकास दर बनाए रखी
महंगाई को नियंत्रण में रखा
वैश्विक सप्लाई चेन संकट के बावजूद ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ाए
अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह बजट?
केंद्रीय बजट 2026-27 साफ संकेत देता है कि भारत लॉन्ग-टर्म ग्रोथ, स्टेबल पॉलिसी और ग्लोबल पार्टनरशिप के लिए पूरी तरह तैयार है। इंफ्रा, हेल्थ, सेमीकंडक्टर और ग्रीन मिनरल्स पर निवेश भारत को अमेरिका, यूरोप, जापान और कनाडा जैसे देशों के लिए एक भरोसेमंद आर्थिक साझेदार बनाता है।
👉 निष्कर्ष
केंद्रीय बजट 2026-27 केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनाने की स्पष्ट रणनीति है। यह बजट आने वाले वर्षों में भारत की छवि को एक तेज, आत्मनिर्भर और नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने की मजबूत नींव रखता है।

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Author: ainewsworld

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