
पराक्रम दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से देश को संबोधित करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साहस, दूरदृष्टि और राष्ट्रनिर्माण के विचारों को याद किया।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस केवल स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नहीं, बल्कि स्वतंत्र भारत के दूरदर्शी थे: प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस न केवल आज़ादी की लड़ाई के महानायक थे, बल्कि वे स्वतंत्र भारत के दूरदर्शी चिंतक भी थे। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आयोजित पराक्रम दिवस के मुख्य कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने नेताजी के साहस, राष्ट्रभक्ति और भविष्यदृष्टि को याद किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नेताजी ने ऐसे भारत की कल्पना की थी जो आधुनिक प्रगति के साथ-साथ अपनी प्राचीन चेतना और सांस्कृतिक जड़ों से भी जुड़ा रहे। उनके अनुसार, नेताजी का अदम्य साहस और वीरता आज भी देशवासियों को प्रेरित करती है और उनके प्रति सम्मान की भावना को सुदृढ़ करती है।
पराक्रम दिवस बना राष्ट्रीय भावना का उत्सव
प्रधानमंत्री मोदी ने पराक्रम दिवस पर सभी नागरिकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हाल के वर्षों में यह दिवस देश की भावना और संकल्प का एक महत्वपूर्ण उत्सव बन गया है। उन्होंने कहा कि यह दिन विकास के लिए भारत के संकल्प को और मजबूती देता रहेगा।
अंडमान-निकोबार: आज़ादी के विचार का प्रतीक
इस वर्ष पराक्रम दिवस का मुख्य आयोजन अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंडमान की धरती इस विश्वास का प्रतीक है कि आज़ादी का विचार कभी समाप्त नहीं होता। यहाँ का इतिहास देश के संघर्ष, बलिदान और संकल्प की कहानी कहता है।
हर नागरिक पर जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह नेताजी के दृष्टिकोण और विचारों से परिचित हो। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज का भारत अपनी शक्ति का निर्माण करना, उसे सँभालना और राष्ट्रहित में उसका उपयोग करना जानता है—यही नेताजी के विचारों की सच्ची प्रेरणा है।
Author: ainewsworld