गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगा न्याय प्रणाली का नया स्वरूप, नई संहिताओं की झांकी होगी आकर्षण का केंद्र

गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगा न्याय प्रणाली का नया स्वरूप, नई संहिताओं की झांकी होगी आकर्षण का केंद्र

इस वर्ष की भव्य गणतंत्र दिवस परेड देश की न्यायिक व्यवस्था में हुए ऐतिहासिक बदलाव की गवाह बनेगी। गृह मंत्रालय नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के राष्ट्रव्यापी कार्यान्वयन को प्रदर्शित करने वाली एक विशेष झांकी प्रस्तुत करेगा। ये तीनों नए कानून 1 जुलाई, 2024 से प्रभावी हुए हैं।

एक ऐतिहासिक परिवर्तन का प्रतीक

इस झांकी का उद्देश्य 19वीं सदी के औपनिवेशिक कानूनों का स्थान लेने वाले इन परिवर्तनकारी सुधारों को दर्शाना है। यह झांकी दंड पर केन्द्रित पुरानी प्रणाली से, न्याय के भारतीय दर्शन पर आधारित एक आधुनिक प्रणाली में राष्ट्र के बदलाव को चित्रित करेगी। नए कानूनों को नागरिक-केंद्रित, तकनीक-अनुकूल और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

झांकी के माध्यम से दिखेगा न्याय का नया चेहरा

गृह मंत्रालय के अनुसार, झांकी “आधुनिक, प्रौद्योगिकी-आधारित, समयबद्ध और नागरिक-केंद्रित न्याय प्रणाली” में हुए परिवर्तन को प्रदर्शित करेगी। इसमें न्याय प्रक्रिया में डिजिटलीकरण, ई-फाइलिंग और साक्ष्य प्रबंधन में तकनीक के उपयोग जैसे पहलुओं को दिखाया जा सकता है। माना जा रहा है कि झांकी में महिलाओं और बच्चों के अधिकारों के संरक्षण तथा अपराधों की त्वरित सुनवाई जैसे नए कानूनों की मुख्य विशेषताओं पर प्रकाश डाला जाएगा।

परेड में बढ़ेगी सुरक्षा और सतर्कता

गणतंत्र दिवस समारोह की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस ने उच्च-तकनीकी उपाय अपनाए हैं। इस वर्ष पहली बार, पुलिसकर्मी एआई-आधारित स्मार्ट चश्मों का उपयोग करेंगे, जिनमें चेहरा पहचानने (फेशियल रिकग्निशन) की प्रणाली लगी है। यह तकनीक भीड़ में मौजूद संदिग्ध व्यक्तियों की त्वरित पहचान करने में मदद करेगी ।

दर्शकों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंधन

कर्तव्य पथ पर परेड देखने आने वाले नागरिकों की सुविधा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने 26 जनवरी को मेट्रो सेवाओं के समय में बदलाव किया है। सभी मेट्रो लाइनों पर सेवाएं सुबह 3:00 बजे से शुरू हो जाएंगी। सुबह 3:00 से 6:00 बजे के बीच ट्रेनें 15 मिनट के अंतराल पर चलेंगी, ताकि दर्शक समय पर परेड स्थल तक पहुंच सकें ।

नए कानूनों का उद्देश्य

इन नई दंड संहिताओं को लागू करने का प्रमुख उद्देश्य देश की न्याय प्रणाली को अधिक तेज, निष्पक्ष और जन-हितैषी बनाना है। इसमें साइबर अपराधों से निपटने, महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के लिए सख्त सजा का प्रावधान और न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना शामिल है। गणतंत्र दिवस की इस झांकी के माध्यम से आम जनता तक इन सुधारों की जानकारी पहुंचाना एक मुख्य लक्ष्य है।

इस वर्ष की गणतंत्र दिवस परेड केवल देश की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक विविधता का ही प्रदर्शन नहीं होगी, बल्कि यह भारत की न्यायिक व्यवस्था में आधुनिकता और नवाचार के नए युग का सूचक भी होगी। न्याय संहिताओं की यह झांकी न केवल एक कानूनी बदलाव, बल्कि एक नए सामाजिक-न्याय दर्शन के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाएगी।

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Author: ainewsworld

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