भारत AI के पांचों मोर्चों पर दिखा रहा दम, वैश्विक भागीदारी को तैयार: वैष्णव
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रौद्योगिकी के सभी पांच महत्वपूर्ण स्तरों पर तेजी से काम कर रहा है और दुनिया भारत को एक विश्वसनीय तथा मूल्यवान सहयोगी के रूप में देख रही है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के मौके पर दिए एक साक्षात्कार में यह जानकारी दी।
वैष्णव के अनुसार, AI के क्षेत्र में भारत की तैयारी पूरी तरह से समग्र है, जिसमें AI आर्किटेक्चर, अनुप्रयोग (एप्लिकेशन), मॉडल, सेमीकंडक्टर चिप, बुनियादी ढांचा और ऊर्जा शामिल हैं। यह बहुस्तरीय दृष्टिकोण देश को AI क्रांति में एक आत्मनिर्भर और अग्रणी खिलाड़ी बनाने के लिए तैयार है।
वैश्विक भरोसा और सह-निर्माण पर जोर
मंत्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत को न केवल एक जीवंत लोकतंत्र, बल्कि समावेशी विकास पर केंद्रित देश के रूप में देखता है। “लोग भारत पर एक ऐसे देश के रूप में भरोसा करते हैं, जिसके साथ वे सह-निर्माण और नई प्रौद्योगिकियों का सह-विकास कर सकते हैं,” उन्होंने कहा। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत का सहयोग अब जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, पूरे यूरोप और अमेरिका जैसे देशों के साथ मजबूत हो रहा है।
AI इम्पैक्ट समिट और सुरक्षा उपाय
अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले AI इम्पैक्ट समिट का जिक्र करते हुए वैष्णव ने कहा कि AI में अपार संभावनाओं के साथ-साथ कुछ जोखिम भी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन जोखिमों को नियंत्रित करने और जिम्मेदार AI को बढ़ावा देने के लिए उचित सुरक्षा उपाय करना आवश्यक है।
सेमीकंडक्टर और बुलेट ट्रेन पर तेज प्रगति
ऐतिहासिक प्रगति की ओर इशारा करते हुए मंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा अनुमोदित दस सेमीकंडक्टर और चिप निर्माण संयंत्रों में से चार ने हाल ही में पायलट उत्पादन शुरू कर दिया है। यह घरेलू चिप निर्माण के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इसके अलावा, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैष्णव ने खुलासा किया कि पहले खंड (सूरत से बिलिमोरा) का निर्माण इसी साल दिसंबर तक पूरा हो जाएगा और इसे अगस्त 2027 तक यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।
मजबूत अर्थव्यवस्था और सुधारों की नींव
एक अन्य साक्षात्कार में, मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है, जिसकी वृद्धि दर स्थिर है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दशक में किए गए व्यापक सुधारों – जिसमें श्रम संहिता, जीएसटी और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार शामिल हैं – को इस आर्थिक लचीलेपन की बुनियाद बताया।
उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक, भू-आर्थिक और तकनीकी परिदृश्य में उथल-पुथल के इस दौर में भारत को लचीला बने रहना होगा। देश में उपलब्ध खनिज संसाधनों को उन्नत प्रसंस्करण और शोधन के माध्यम से मूल्यवान उत्पादों में बदलने पर भी उन्होंने जोर दिया।
भारत का AI और प्रौद्योगिकी पर बहु-स्तरीय दृष्टिकोण, सेमीकंडक्टर निर्माण में प्रगति और बुनियादी ढांचा विकास, इसे वैश्विक तकनीकी इकोसिस्टम में एक अहम और विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित कर रहा है। आगामी AI इम्पैक्ट समिट इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम होगा, जहां नवाचार के साथ-साथ सुरक्षा और नैतिकता पर भी वैश्विक चर्चा केंद्रित होगी।
Author: ainewsworld