भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के अलग-अलग हिस्सों, खासकर अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और राजस्थान में, आने वाले 24-48 घंटों के दौरान गरज के साथ भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान की संभावना जताई है। इसके साथ ही विभाग ने उत्तर भारत के कई राज्यों तथा अरब सागर के कुछ समुद्री क्षेत्रों के लिए भी अहम सलाह व चेतावनियाँ जारी की हैं।
उत्तरी राज्यों पर मौसम की मार:
मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में भी आज गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में सुबह और रात के समय घने कोहरे की भी आशंका है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है और यातायात प्रभावित हो सकता है।
जम्मू-कश्मीर और आसपास के इलाकों में सक्रिय मौसम:
विभाग ने अगले दो दिनों तक जम्मू, कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान तथा मुजफ्फराबाद क्षेत्रों में गरज-चमक और ओलावृष्टि के साथ भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है। इन इलाकों में भूस्खलन और अचानक आने वाली बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
अरब सागर में मछुआरों के लिए चेतावनी:
एक महत्वपूर्ण सलाह में, मौसम विभाग ने मछुआरों को 25 नवंबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। यह चेतावनी विशेष रूप से उत्तर-पश्चिमी अरब सागर, ओमान तट, दक्षिण-पश्चिमी और पश्चिम-मध्य अरब सागर तथा सोमालिया तट के निकट के क्षेत्रों के लिए है। इन क्षेत्रों में खराब मौसम की स्थिति और ऊंची लहरों का अनुमान है।
अंतरराष्ट्रीय संदर्भ एवं सलाह:
भारत की यह मौसमी गतिविधि दक्षिण एशिया क्षेत्र में चल रहे बदलावों का हिस्सा है। विदेशों से आने वाले पर्यटकों और व्यवसायियों को सलाह है कि वे प्रभावित राज्यों की यात्रा करने से पहले नवीनतम मौसम अपडेट अवश्य देखें। स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन दलों को अलर्ट पर रखा है।
विशेषज्ञों की सलाह:
मौसम विशेषज्ञ नागरिकों से अपील कर रहे हैं कि वे अगले 48-72 घंटों के दौरान अतिशय सतर्कता बरतें। बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों या ऊँचे पेड़ों के नीचे न खड़े हों। तूफान की स्थिति में मजबूत ढाँचे के अंदर ही रहें। मछली पकड़ने वाले समुदायों से अनुरोध है कि वे समुद्री चेतावनियों का पालन करें।
Author: ainewsworld