गाजा शांति प्रयासों में विस्तार: यूरोपीय आयोग, रूस और थाईलैंड को भी मिला शांति बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण

गाजा शांति प्रयासों में विस्तार: यूरोपीय आयोग, रूस और थाईलैंड को भी मिला शांति बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण

अंतर्राष्ट्रीय समुदाय गाजा संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए नए प्रयासों में जुटा है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ-साथ रूस और थाईलैंड को भी एक प्रस्तावित गाजा शांति बोर्ड में भाग लेने का औपचारिक निमंत्रण मिला है। यह कदम क्षेत्र में शांति स्थापना के अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों में नए सहयोगियों को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है।

निमंत्रण की पुष्टि और प्रतिक्रियाएं

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने रूस को मिले निमंत्रण की पुष्टि की है। इसी प्रकार, थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने भी इस निमंत्रण को प्राप्त करने की जानकारी दी है। यूरोपीय आयोग ने अपनी ओर से पुष्टि की है कि आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन गाजा मुद्दे पर यूरोपीय संघ के अन्य नेताओं के साथ परामर्श करेंगी, जो यूरोपीय संघ की एकजुट और समन्वित रुख अपनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

इजरायल की आपत्ति और मंत्री का तीखा रुख

इस बीच, इजरायल के दक्षिणपंथी वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच ने इस शांति बोर्ड को “अनुचित” करार देते हुए इसके भंग किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह बोर्ड इजरायल के हितों के अनुकूल नहीं है। इससे पहले, शनिवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस समिति के गठन पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि इसका गठन इजरायल सरकार के समन्वय के बिना किया गया है और यह देश की नीति के विपरीत है।

अमेरिकी योजना और दावोस में घोषणा की संभावना

यह शांति बोर्ड अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस 20-सूत्री शांति योजना के दूसरे चरण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दशकों पुराने गाजा संघर्ष को समाप्त करना है। अमेरिकी प्रशासन ने इससे पहले लगभग 60 देशों को एक मसौदा भेजा था, जिसमें सदस्य देशों से तीन साल की अवधि के लिए एक अरब डॉलर का योगदान करने का आह्वान किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने वाले विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान इस शांति बोर्ड के सदस्यों की आधिकारिक सूची की घोषणा की जा सकती है।

अंतर्राष्ट्रीय शांति प्रयासों में बढ़ती भागीदारी

रूस और थाईलैंड जैसे देशों का इस प्रक्रिया में शामिल होना अंतर्राष्ट्रीय शांति प्रयासों में व्यापक भागीदारी को दर्शाता है। रूस की भागीदारी मध्य पूर्व मामलों में उसकी सक्रिय भूमिका को रेखांकित करती है, जबकि थाईलैंड की उपस्थिति दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय कूटनीतिक संलग्नता का संकेत है।

यह विकास दर्शाता है कि गाजा संकट, जो लंबे समय से एक जटिल क्षेत्रीय मुद्दा रहा है, अब एक व्यापक अंतर्राष्ट्रीय सहमति और सहयोग के माध्यम से हल करने का प्रयास किया जा रहा है। पूरी दुनिया की नजरें अब दावोस में होने वाली आधिकारिक घोषणा और इस नए शांति बोर्ड की भावी रणनीति पर टिकी हुई हैं।

ainewsworld
Author: ainewsworld

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज