कोटा जिले के सुल्तानपुर नगर में पहली बार एक अनूठा और आध्यात्मिक आयोजन होने जा रहा है। यहाँ के ऐतिहासिक रक्त्या भेरूजी तालाब के बीचोबीच स्थित टापू पर सुंदरकाण्ड पाठ के माध्यम से पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की जाएगी। यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि सामुदायिक एकजुटता का एक शानदार उदाहरण भी पेश करेगा।
आयोजन की मुख्य बातें एक नज़र में:
· क्या होगा ? संगीतमय सुंदरकाण्ड पाठ एवं संत पूजन का भव्य आयोजन।
· कब होगा? 20 जनवरी, दिन शनिवार।
· कहाँ होगा? सुल्तानपुर स्थित रक्त्या भेरूजी तालाब के बीच का मनोरम टापू।आयोजन Great man ग्रुप और दिल की हेल्पलाइन द्वारा आयोजित किया जा रहा है.
· विशेषता: तालाब के मध्य होने के कारण यह आयोजन दृश्य और श्रव्य दोनों ही दृष्टि से अविस्मरणीय अनुभूति प्रदान करेगा।
संत पूजन एवं विधि-विधान: कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संत पूजन से होगी, जिसे पूरी विधि के साथ संपन्न कराया जाएगा।
संगीतमय सुंदरकाण्ड पाठ: इसके बाद, भजन मार्ग ग्रुप द्वारा मधुर और भक्तिपूर्ण स्वरों में सुंदरकाण्ड पाठ की प्रस्तुति दी जाएगी। यह पाठ विशेष रूप से क्षेत्र में अमन-चैन, खुशहाली और समृद्धि की कामना को लेकर आयोजित किया जा रहा है। अपनी मधुर धुनों के कारण पूरा वातावरण दिव्य भक्तिमय रस से सराबोर हो जाएगा।
यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामुदायिक सद्भाव और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है। तालाब के केंद्र में होने के कारण इसकी खूबसूरती और महत्व और बढ़ जाता है। ऐसा माना जाता है कि सुंदरकाण्ड का पाठ कल्याणकारी होता है और कठिनाइयों को दूर करता है।
Author: ainewsworld