पीएम-सेतु से बदलेगी आईटीआई की तस्वीर, उद्योग और सरकार ने रची नई योजना

भविष्य के कौशल को आकार देने की दिशा में बड़ा कदम: पुणे में आज पीएम-सेतु उद्योग परामर्श

पीएम-सेतु योजना के तहत 1000 आईटीआई के आधुनिकीकरण के लिए उद्योग जगत से जुटेंगे विशेषज्ञ, मांग-आधारित प्रशिक्षण पर होगा जोर।

देश के कौशल विकास के भविष्य को नई दिशा देने के लिए आज यहाँ एक महत्वपूर्ण उद्योग परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) तथा महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त तत्वावधान में यशवंतराव चव्हाण विकास प्रशासन अकादमी (यशादा) में होने वाली इस ‘पीएम-सेतु’ परामर्श में 50 से अधिक प्रमुख उद्योग कंपनियाँ भाग ले रही हैं।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री कौशल विकास एवं रोजगार क्षमता परिवर्तन (पीएम-सेतु) योजना के क्रियान्वयन में उद्योगों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करना है। यह योजना देश भर के 1000 सरकारी आईटीआई को उन्नत बनाने और एक वैश्विक स्तर का प्रतिस्पर्धी कार्यबल तैयार करने की पहल है।

उद्योग को मिलेगी प्रबंधन की जिम्मेदारी

कार्यशाला में अधिकारियों ने बताया कि पीएम-सेतु के तहत 200 ‘हब’ आईटीआई को अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचा और प्रशिक्षण सुविधाएँ मिलेंगी, जबकि 800 ‘स्पोक’ आईटीआई जिला स्तर पर प्रशिक्षण का विस्तार करेंगी। इस योजना की खास बात यह है कि आईटीआई का स्वामित्व सरकार के पास रहेगा, लेकिन उनका प्रबंधन और संचालन साझेदार उद्योगों द्वारा किया जाएगा। इससे प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सीधे तौर पर उद्योगों की मौजूदा और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढाला जा सकेगा।

रोजगार के अवसर बढ़ाने पर फोकस

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “यह साझेदारी केवल वित्तीय सहयोग तक सीमित नहीं है। उद्योग जगत अब आईटीआई के शासन तंत्र, पाठ्यक्रम निर्माण, प्रशिक्षकों के कौशल उन्नयन और विद्यार्थियों के प्लेसमेंट में सक्रिय भूमिका निभाएगा। इससे छात्रों को रोजगार के लिए तैयार किया जा सकेगा और उद्योगों को भी सही कौशल वाला कर्मचारी मिल सकेगा।”

कई क्षेत्रों की कंपनियाँ शामिल

इस परामर्श सत्र में निर्माण, वस्त्र, ऑटोमोटिव, एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, तेल एवं गैस तथा नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों की कंपनियाँ शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र सरकार के व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशालय (डीवीईटी) और कई प्रमुख कॉर्पोरेट्स के बीच समझौता ज्ञापनों का भी आदान-प्रदान होगा।

राज्यों ने शुरू किया कार्य

पीएम-सेतु योजना को जमीन पर उतारने की दिशा में कई राज्य पहले ही कदम उठा चुके हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 29 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने शुरुआती चरण में शामिल होने वाले आईटीआई की पहचान कर ली है, जबकि 25 ने अपनी राज्य संचालन समितियों का गठन कर लिया है।

इस कार्यशाला को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी तथा महाराष्ट्र सरकार के कौशल विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा वर्मा संबोधित करेंगी। आयोजन में भाग लेने वाले प्रतिनिधि पुणे के स्थानीय आईटीआई और उद्योगों का दौरा भी करेंगे।

विश्लेषकों का मानना है कि पीएम-सेतु योजना देश के कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है, जहाँ उद्योग की सीधी भागीदारी से युवाओं को बेहतर रोजगार और देश को एक मजबूत अर्थव्यवस्था का आधार मिलेगा।

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Author: ainewsworld

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