शास्त्री भवन में विधान विभाग की आंतरिक मुद्रण सुविधा का उद्घाटन, प्रकाशन कार्य होंगे तेज,अर्जुन राम मेघवाल ने किया विधान विभाग की आंतरिक मुद्रण इकाई का शुभारंभ

शास्त्री भवन में विधान विभाग की आंतरिक मुद्रण सुविधा का उद्घाटन, विधि प्रकाशन होंगे अधिक सुचारु

शास्त्री भवन स्थित विधान विभाग (मुख्य) में आज एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक पहल के तहत नई आंतरिक मुद्रण सुविधा का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस नवस्थापित मुद्रण संयंत्र का औपचारिक शुभारंभ किया।

उद्घाटन समारोह में विधान विभाग के सचिव सहित विभाग एवं उससे जुड़े विभिन्न कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में राजभाषा प्रकोष्ठ और विधि साहित्य प्रकाशन से जुड़े अधिकारी भी शामिल हुए।

विधायी प्रकाशनों को मिलेगी नई गति
उद्घाटन के मौके पर मंत्री की उपस्थिति में आंतरिक मुद्रण सुविधा के संचालन की शुरुआत के प्रतीक रूप में “वैधानिक परिभाषाओं के सूचकांक (चौथा संस्करण)” की एक प्रति मुद्रित की गई और माननीय मंत्री को भेंट की गई। यह पहल विभाग की प्रकाशन क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

श्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस अवसर पर कहा कि विधायी विभाग के भीतर एक प्रभावी आंतरिक मुद्रण व्यवस्था होने से विधि पुस्तकों, पत्रिकाओं और अन्य आधिकारिक दस्तावेजों का प्रकाशन समय पर और अधिक दक्षता के साथ किया जा सकेगा। इससे विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेंगी।

प्रशासनिक दक्षता को मिलेगा बल
केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि आंतरिक मुद्रण सुविधा से बाहरी संसाधनों पर निर्भरता कम होगी और लागत तथा समय की बचत संभव होगी। साथ ही, विधायी दस्तावेजों की गोपनीयता और गुणवत्ता बनाए रखने में भी यह व्यवस्था सहायक सिद्ध होगी।

विधान विभाग में शुरू की गई यह नई मुद्रण सुविधा भविष्य में कानूनी साहित्य और सरकारी प्रकाशनों के नियमित और सुव्यवस्थित प्रकाशन को सुनिश्चित करेगी, जिससे विधायी कार्यों में प्रशासनिक दक्षता और प्रभावशीलता को नया बल मिलने की उम्मीद है।

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Author: ainewsworld

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