भारत की BRICS अध्यक्षता 2026: लचीलापन, नवाचार और वैश्विक सहयोग पर होगा जोर
ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (BRICS) के महत्वपूर्ण समूह की 2026 की अध्यक्षता भारत के हाथों में है। इस वर्ष होने वाले शिखर सम्मेलन की थीम और प्राथमिकताओं का एलान करते हुए भारत ने ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता’ को केंद्रीय आधार बताया है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि ये स्तंभ वैश्विक चुनौतियों के समाधान और समावेशी विकास की दिशा में समूह की भूमिका को मजबूत करेंगे।
तीन स्तंभों पर टिकी होगी रणनीति
लोगो, थीम और आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च के मौके पर विदेश मंत्री जयशंकर ने स्पष्ट किया कि यह चार-सूत्री एजेंडा BRICS के तीन मूल स्तंभों – राजनीतिक व सुरक्षा सहयोग, आर्थिक व वित्तीय एकजुटता, तथा सांस्कृतिक व लोगों-से-लोगों के आदान-प्रदान – के लिए एक सुसंगत रोडमैप प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में यह समूह “वैश्विक कल्याण” के लिए अपनी सामूहिक क्षमता को एकजुट करने का प्रयास करेगा।
20 साल पूरे करता BRICS: एक विकासशील देशों का मजबूत मंच
डॉ. जयशंकर ने इस बात पर प्रकाश डाला कि BRICS इस वर्ष अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे कर रहा है। दो दशकों में यह उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग का एक अत्यंत प्रभावशाली और गतिशील मंच बनकर उभरा है। पिछले कुछ वर्षों में इसने न सिर्फ अपने एजेंडे का विस्तार किया है, बल्कि नए सदस्यों को भी शामिल किया है, जो बदलती वैश्विक जरूरतों के प्रति इसकी प्रासंगिकता को दर्शाता है।
नवाचार और प्रौद्योगिकी पर विशेष ध्यान
विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि नवाचार आज वैश्विक आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन है। सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से निपटने और टिकाऊ विकास के लिए नई एवं उभरती प्रौद्योगिकियों (Emerging Technologies) का लाभ उठाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत की अध्यक्षता इस दिशा में BRICS देशों के बीच शोध, विकास और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहेगी।
जन-केंद्रित दृष्टिकोण
यह मंच न केवल बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढाल रहा है, बल्कि जन-केंद्रित विकास (People-Centric Development), संवाद को बढ़ावा देने और व्यावहारिक सहयोग को प्रोत्साहित करने पर भी समान रूप से ध्यान दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों के लिए, BRICS-2026 की भारतीय अध्यक्षता वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज़ और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था (Multipolar World Order) की ओर बढ़ते रुझान की एक अहम कड़ी मानी जा रही है।
Author: ainewsworld