78 साल बाद बदलेगा पीएमओ का ठिकाना, ‘सेवा तीर्थ’ से चलेगी देश की सरकार

PMO new building Seva Teerth Executive Enclave India government headquarters
“नया भारत, नया प्रशासनिक केंद्र – ‘सेवा तीर्थ’ से अब चलेगी देश की सरकार”

 78 साल बाद बदलेगा पीएमओ का ठिकाना, ‘सेवा तीर्थ’ से चलेगी देश की सरकार

भारत के प्रशासनिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी के बाद अपने ऐतिहासिक ठिकाने साउथ ब्लॉक से हटकर एक्जीक्यूटिव एनक्लेव-1 में स्थित नए भवन ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित होने जा रहा है। यह पहली बार होगा जब आज़ादी के बाद से चला आ रहा पीएमओ का मुख्यालय बदला जाएगा।
साल 1947 के बाद से लेकर अब तक पीएमओ साउथ ब्लॉक से संचालित होता रहा है। पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय से शुरू हुई यह परंपरा अब एक नई आधुनिक व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार, जनवरी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘सेवा तीर्थ’ से देश का शासन संचालन करेंगे।

राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र भी होगा एकजुट

पीएमओ के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) को भी ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित किया जाएगा। यह कार्यालय फिलहाल सरदार पटेल भवन, संसद मार्ग में कार्यरत है। इससे सरकार की रणनीतिक और सुरक्षा से जुड़ी इकाइयों को एक ही परिसर में कार्य करने की सुविधा मिलेगी।

साउथ ब्लॉक बनेगा ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’

आज़ादी के बाद देश की सत्ता के केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को अब ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह संग्रहालय आम जनता के लिए खोला जाएगा, जहाँ भारत के लोकतांत्रिक और प्रशासनिक इतिहास को प्रदर्शित किया जाएगा।
पहले ही गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय नॉर्थ ब्लॉक से नए कर्तव्य भवन परिसर में स्थानांतरित हो चुके हैं। इसके बाद नॉर्थ ब्लॉक में संग्रहालय के लिए नवीनीकरण का कार्य शुरू कर दिया गया है।

साउथ ब्लॉक का संरक्षण और पुनर्निर्माण जल्द

पीएमओ के स्थानांतरण के बाद साउथ ब्लॉक का संरक्षण और पुनर्विकास कार्य भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) द्वारा टेंडर जारी किया जा चुका है।
गौरतलब है कि कैबिनेट सचिवालय पहले ही सितंबर महीने में ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित हो चुका है, जिससे यह नया परिसर भारत की प्रशासनिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र बनता जा रहा है।

 क्यों है यह बदलाव ऐतिहासिक?

यह सिर्फ एक भवन परिवर्तन नहीं, बल्कि भारत की प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और एकीकृत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। ‘सेवा तीर्थ’ को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सभी प्रमुख निर्णयकारी संस्थाएं एक ही स्थान पर कार्य कर सकें, जिससे कार्यकुशलता और सुरक्षा दोनों बढ़ें।

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Author: ainewsworld

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