व्यापारियों के लिए बड़ी खबर: राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की बैठक में GST सुधार और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर

व्यापारियों के लिए बड़ी खबर: राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की बैठक में GST सुधार और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर

नई दिल्ली: भारत के खुदरा व्यापार क्षेत्र को मजबूत बनाने और व्यापारियों के कल्याण के लिए नई रणनीति तैयार करने को लेकर राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड (NTVB) की 8वीं बैठक नई दिल्ली में संपन्न हुई। वाणिज्य भवन में हुई इस बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के चेयरपर्सन श्री सुनील जे. सिंघी ने की।

बैठक में अगली पीढ़ी के जीएसटी (GST) सुधारों, ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल को बढ़ावा, डिजिटल बदलाव और व्यापारियों के लिए बेहतर सुविधाओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के संयुक्त सचिव श्री संजीव ने भारतीय अर्थव्यवस्था में खुदरा क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डाला।

जीएसटी सुधार और व्यापारी समुदाय की प्रतिक्रिया

बैठक में अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों और उनके व्यापारियों व उपभोक्ताओं पर सकारात्मक प्रभाव पर विस्तार से बातचीत हुई।

· “जीएसटी बचत उत्सव” का जिक्र: अध्यक्ष श्री सिंघी ने देश भर में व्यापारियों के नेतृत्व वाले अभियान “जीएसटी बचत उत्सव” का उल्लेख किया, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किए गए जीएसटी सुधारों के प्रति व्यापार समुदाय के समर्थन को दर्शाता है।
· व्यवसाय के लिए बेहतर माहौल: उन्होंने आसान प्रक्रियाओं, कम अनुपालन बोझ, वित्तीय सहयोग और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से व्यापार के लिए बेहतर माहौल बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी संकल्प दौड़’

बोर्ड ने स्वदेशी उद्योगों को प्रोत्साहन देने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के महत्व पर जोर दिया।

· राष्ट्रव्यापी अभियान: इसी क्रम में, 12 से 23 जनवरी तक ‘स्वदेशी संकल्प दौड़’ आयोजित करने पर चर्चा हुई।
· नागरिक भागीदारी: इस अभियान का उद्देश्य देश भर के नागरिकों को भाग लेने और उत्पादन व खपत दोनों में स्वदेशी की भावना अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

डिजिटल बदलाव और ONDC का रोल

अध्यक्ष श्री सिंघी ने खुदरा क्षेत्र में डिजिटल बदलाव के महत्व को रेखांकित किया।

· छोटे व्यापारियों के लिए अवसर: उन्होंने छोटे व्यापारियों से ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) जैसे प्लेटफॉर्म का उपयोग करने का अनुरोध किया।
· बाजार पहुंच बढ़ाना: इससे व्यापारियों को बाजार तक पहुंच बढ़ाने और आय के अवसर सृजित करने में मदद मिलेगी।

व्यापारी कल्याण और शिकायत निवारण

बोर्ड ने भविष्य की नीतियों और योजनाओं में व्यापारियों के कल्याण को प्राथमिकता देने की बात कही।

· मुख्य क्षेत्र: इसमें क्षमता निर्माण, वित्तीय सहायता, सामाजिक सुरक्षा उपाय, बाजार संबंध और पारदर्शी शिकायत निवारण तंत्र शामिल हैं।
· प्रतिस्पर्धा क्षमता: बोर्ड के मिशन की पुष्टि करते हुए, अध्यक्ष ने कहा कि निरंतर प्रयासों से यह सुनिश्चित होगा कि बदलते आर्थिक माहौल में व्यापारी प्रतिस्पर्धी, सुरक्षित और समृद्ध बने रहें।

व्यापक भागीदारी और आगे की राह

इस बैठक में विभिन्न व्यापार संगठनों, राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के गैर-सरकारी सदस्यों के साथ-साथ भारत सरकार के नौ मंत्रालयों और विभागों के पदेन सदस्यों ने भी भाग लिया।

अध्यक्ष श्री सिंघी ने बताया कि व्यापार संगठनों और सदस्यों से प्राप्त मुद्दों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालयों और विभागों को भेज दिया गया है। उन्होंने खुदरा व्यापार से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूकता और पहुंच बेहतर बनाने के लिए सदस्यों से सुझाव भी मांगे।

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Author: ainewsworld

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