बेंगलुरु-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे पर अभूतपूर्व इंजीनियरिंग कौशल का प्रदर्शन
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश के बुनियादी ढांचा निर्माण क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-544जी के तेजी से कार्यान्वयन के तहत, प्राधिकरण ने बेंगलुरु-कडप्पा-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे पर चार गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड सफलतापूर्वक बना लिए हैं। यह उपलब्धि न केवल भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा का प्रमाण है, बल्कि वैश्विक बुनियादी ढांचा विकास के मानचित्र पर एक नई बेंचमार्क भी स्थापित करती है।
पिछले कुछ दिनों में आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी क्षेत्र में दो चरणों में हासिल किए गए ये रिकॉर्ड, प्रोजेक्ट की अभूतपूर्व गति, पैमाने और तकनीकी दक्षता को उजागर करते हैं।
पहला चरण: गति और पैमाने का रिकॉर्ड (6 जनवरी)
· सबसे लंबा निरंतर बिछाने का सत्र: पहला रिकॉर्ड 24 घंटे के भीतर 3-लेन चौड़े, लगभग 10 किलोमीटर लंबे खंड पर बिटुमिनस कंक्रीट का सबसे लंबा निरंतर बिछाव करने का है।
· अधिकतम मात्रा में सामग्री का प्रयोग: इसी अवधि में दूसरा रिकॉर्ड 10,665 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट बिछाने की सबसे अधिक मात्रा से जुड़ा है।
दूसरा चरण: स्थायित्व और विस्तार का रिकॉर्ड (हाल ही में)
· निरंतर बिछाई गई अब तक की सबसे अधिक सामग्री: तीसरा रिकॉर्ड एक सत्र में 57,500 मीट्रिक टन बिटुमिनस कंक्रीट के निरंतर बिछाने से संबंधित है।
· सबसे लंबा निरंतर फ़र्श: चौथा और अंतिम रिकॉर्ड 3 लेन चौड़े, 52 किलोमीटर लंबे खंड के सतत फ़र्श (पेवमेंट) के निर्माण के लिए बनाया गया है।
वैश्विक महत्व और प्रभाव
यह परियोजना बेंगलुरु-विजयवाड़ा आर्थिक गलियारे का हिस्सा है, जो दक्षिण भारत के प्रमुख औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ता है। इन रिकॉर्ड्स का निर्माण न केवल भारत के आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है, बल्कि दुनिया भर के इंजीनियरों और योजनाकारों के लिए एक नया मानक स्थापित करता है। यह उपलब्धि अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों को भारत के परिवहन क्षेत्र में मौजूदा अवसरों की ओर भी ध्यान आकर्षित करने वाली है।
एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “ये रिकॉर्ड हमारी टीम की अथक मेहनत, उन्नत तकनीक के उपयोग और सटीक परियोजना प्रबंधन का परिणाम हैं। यह हमारे ‘नेशनल हाईवे डेवलपमेंट’ मिशन में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।”
इस खबर ने अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जापान, जर्मनी, रूस और चीन सहित दुनिया भर के बुनियादी ढांचा विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया है, जो भारत में हो रहे तेजी के विकास और तकनीकी नवाचार पर नजर रख रहे हैं।
Author: ainewsworld