भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में चल रहे ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। यह उत्सव मंदिर पर पहले हमले के एक हजार वर्ष पूरे होने के अवसर पर मनाया जा रहा है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, श्री शाह ने कहा कि यह पर्व भविष्य की पीढ़ियों को सनातन संस्कृति के लचीलेपन और निरंतरता का संदेश देने के लिए मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस उत्सव को मनाने का निर्णय स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया था।
गृह मंत्री ने सोमनाथ मंदिर को “सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक गौरव की एक चिरस्थायी विरासत” बताया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है, सदियों से भारत की आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक रहा है।
इतिहास में झांकी: श्री शाह ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि पिछले एक हजार वर्षों में इस मंदिर पर कई बार हमले हुए, किन्तु हर बार इसने ‘काल पर विजय’ प्राप्त की। उनके शब्दों में, “सोमनाथ महादेव मंदिर को नष्ट करने का प्रयास करने वाले स्वयं नष्ट हो गए, लेकिन मंदिर आज भी अधिक वैभव और भव्यता के साथ खड़ा है।”
यह कार्यक्रम न केवल एक धार्मिक आयोजन है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पुनर्प्रतिष्ठा और ऐतिहासिक चेतना को दर्शाता है। सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण देश की स्वतंत्रता के बाद एक प्रतीकात्मक कदम माना जाता रहा है।
इस आयोजन से देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है, जो इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को समझने में रुचि रखते हैं। सोमनाथ मंदिर की यह गाथा उन अंतरराष्ट्रीय पाठकों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो भारत के इतिहास, संस्कृति और आध्यात्मिकता में गहरी रुचि रखते हैं।
Author: ainewsworld