
नई दिल्ली, 8 जनवरी 2026 – विश्व के लगभग 100 देशों के चुनाव प्रबंधन निकाय और विशेषज्ञ 21 से 23 जनवरी तक नई दिल्ली में एकत्रित होंगे, ताकि “समावेशी, शांतिपूर्ण, लचीली और टिकाऊ दुनिया के लिए लोकतंत्र” के लिए एक साझा दृष्टिकोण विकसित किया जा सके।
भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर पहले भारत अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईआईसीडीईएम-2026) की मेजबानी करने जा रहा है। यह 21 से 23 जनवरी, 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा।
यह सम्मेलन चुनाव प्रबंधन और लोकतंत्र के क्षेत्र में भारत द्वारा आयोजित अपनी तरह का सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन होगा।
🌍 सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य और विषय
इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) के महानिदेशक राकेश वर्मा के अनुसार, यह सम्मेलन चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) के बीच अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में कार्य करेगा। इसका उद्देश्य है:
· समकालीन चुनौतियों की साझा समझ विकसित करना
· सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और नवाचारों का आदान-प्रदान करना
· वैश्विक चुनौतियों के समाधानों का सह-निर्माण करना
यह सम्मेलन भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा तय किए गए एजेंडे को आगे बढ़ाएगा, जो वर्ष 2026 के लिए इंटरनेशनल आईडीईए के सदस्य देशों की परिषद की अध्यक्षता संभाल रहे हैं।
📊 प्रतिभागी और कार्यक्रम संरचना
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में विश्व भर से व्यापक और प्रतिष्ठित प्रतिभागी हिस्सा लेंगे।
प्रमुख प्रतिभागी:
· लगभग 100 अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि
· विश्व भर के 45 चुनाव प्रबंधन निकाय (EMBs)
· 80 से अधिक देशों के प्रतिनिधि
· अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि
· भारत में विदेशी दूतावासों के प्रतिनिधि
· चुनाव क्षेत्र के अकादमिक और व्यावहारिक विशेषज्ञ
शैक्षणिक सहयोग:
· 4 आईआईटी (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान)
· 6 आईआईएम (भारतीय प्रबंधन संस्थान)
· 12 एनएलयू (राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय)
· आईआईएमसी (भारतीय जन संचार संस्थान)
🤝 द्विपक्षीय सहयोग और ज्ञान-साझाकरण
सम्मेलन के दौरान, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी, भाग लेने वाले चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ 40 से अधिक द्विपक्षीय बैठकें आयोजित करेंगे।
कार्यक्रम के प्रमुख सत्र:
· उद्घाटन सत्र
· ईएमबी नेताओं का प्लेनरी सत्र
· ईएमबी कार्य समूह बैठकें
· ईसीआईनेट का शुभारंभ (एक नया नेटवर्क पहल)
· वैश्विक चुनावी विषयों पर विषयगत सत्र
· मॉडल अंतरराष्ट्रीय चुनावी मानकों पर चर्चा
· चुनावी प्रक्रियाओं में सर्वोत्तम प्रथाओं और नवाचारों की प्रस्तुति
🇮🇳 भारत का चुनावी मॉडल: एक वैश्विक मिसाल
आईआईसीडीईएम-2026 के प्रतिभागियों को, जो वैश्विक मतदाताओं के एक महत्वपूर्ण हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं, भारत के चुनावी ढांचे, प्रक्रियाओं और तकनीकी नवाचारों से भी परिचित कराया जाएगा। भारत के विशाल और जटिल चुनावी व्यवस्था ने दुनिया भर के लोकतंत्रों के लिए एक मिसाल कायम की है।
सम्मेलन के लोगो को लोकतंत्र, भागीदारी, संस्थागत अखंडता और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के मूल मूल्यों को प्रदर्शित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
🔮 भविष्य की दिशा और स्थायी प्रभाव
राकेश वर्मा ने संकेत दिया कि हर साल इस तरह के सम्मेलन आयोजित करने की योजना है, क्योंकि चुनाव प्रबंधन निकाय लोकतंत्र को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इंटरनेशनल आईडीईए (इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी एंड इलेक्टोरल असिस्टेंस) के साथ साझेदारी में आयोजित यह सम्मेलन, 1995 में स्थापित इस अंतर-सरकारी संस्था के मिशन को आगे बढ़ाता है, जो दुनिया भर में लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस सम्मेलन के माध्यम से, भारत न केवल अपने चुनावी विशेषज्ञता और तकनीकी नवाचार को साझा करेगा, बल्कि वैश्विक लोकतांत्रिक सहयोग में अपनी नेतृत्व भूमिका को भी मजबूत करेगा।
Author: ainewsworld