भारत के कई राज्य में घने कोहरे का ऑरेंज अलर्ट, यातायात पर गहरा प्रभाव

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, “घने से बहुत घने कोहरे” ने उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में दृश्यता को एक चौथाई मील या उससे भी कम कर दिया है, जिससे यात्रा में बड़ी बाधा उत्पन्न हुई है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित उत्तरी और मध्य भारत के कई राज्यों में घने से बहुत घने कोहरे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी आने वाले कई दिनों तक व्यापक रूप से फैले कोहरे और शीतलहर की स्थिति की ओर इशारा करती है, जिससे लाखों लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है और यातायात व्यवस्था बाधित हो गई है।

शीत लहर की स्थिति भी हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों में बनी हुई है। इसके साथ ही, दक्षिण में श्रीलंका तट के पास और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तूफानी मौसम की संभावना बताई जा रही है, जिसके कारण मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।

प्रभावित क्षेत्र और मौसम की स्थिति

मौसम विभाग ने कल (गुरुवार) के लिए पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इसका अर्थ है कि इन क्षेत्रों में ‘घने से बहुत घने’ कोहरे की स्थिति बनने की संभावना है।

आगामी दो दिनों के लिए, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भी घने कोहरे का अनुमान व्यक्त किया गया है।

साथ ही, शीतलहर की स्थिति कल तक हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, दिल्ली, झारखंड और ओडिशा में बनी रहने की संभावना है।

कोहरा क्या है और यह कैसे बनता है?

कोहरा मूल रूप से जमीन के स्तर पर बना एक बादल है जो दृश्यता को 1,000 मीटर से कम कर देता है। जब दृश्यता 100 मीटर से नीचे चली जाती है, तो उसे ‘घना कोहरा’ माना जाता है, जो यातायात में गंभीर व्यवधान पैदा कर सकता है। भारत में वर्तमान में दिख रहा कोहरा मुख्यतः ‘रेडिएशन फॉग’ है, जो सर्दियों में साफ आसमान और शांत परिस्थितियों में बनता है।

· रेडिएशन फॉग: रात भर जमीन के ठंडी होने से सतह के पास की हवा भी ठंडी हो जाती है, जिससे संघनन होता है और कोहरा बनता है।
· वैली फॉग: ठंडी, भारी हवा घाटी के निचले हिस्सों में जमा हो जाती है और कोहरे का रूप ले लेती है।
· फ्रीजिंग फॉग: यह सामान्य कोहरे की तरह ही बनता है, लेकिन शून्य से नीचे के तापमान में। इसकी बूंदें सतह पर जमकर राइम (हिम का एक प्रकार) बना सकती हैं।

घने कोहरे में ड्राइविंग अत्यंत खतरनाक हो सकती है। यहां कुछ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य सुरक्षा युक्तियां दी गई हैं:

· गति धीमी रखें: ऐसी गति से चलें कि आप अपनी दृश्यता की सीमा के भीतर ही वाहन रोक सकें।
· लो-बीम हेडलाइट्स का उपयोग करें: हाई बीम लाइट कोहरे में परावर्तित होकर दृश्यता और खराब कर सकती हैं। यदि आपके वाहन में कोहरा रोशनी (फॉग लैंप) हैं, तो उन्हें जलाएं।
· वाइपर और डिफ्रॉस्टर चलाएं: विंडशील्ड से नमी हटाने के लिए।
· सड़क के किनारे या चिह्नों को मार्गदर्शक के रूप में इस्तेमाल करें।
· लेन न बदलें और ओवरटेक न करें, जब तक कि अत्यंत आवश्यक न हो।
· अगर सड़क किनारे रुकना पड़े, तो हेज़र्ड (खतरे) वाली लाइट्स (फ्लैशर) जलाएं और वाहन को पूरी तरह सड़क से हटा दें।

यात्रा और स्वास्थ्य पर प्रभाव

इस मौसमी स्थिति का सबसे गंभीर प्रभाव यातायात पर पड़ रहा है। रेल और हवाई सेवाओं में देरी की संभावना है, जबकि सड़क मार्ग दुर्घटनाओं के लिए अतिसंवेदनशील हैं। कोहरा वायु गुणवत्ता को भी खराब कर सकता है, विशेष रूप से शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में, जहां प्रदूषण कण कोहरे की बूंदों के साथ मिल जाते हैं। इससे सांस और हृदय संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

आगे का पूर्वानुमान और तैयारी

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में कोहरे की स्थिति अगले 2-3 दिनों तक बनी रह सकती है। समुद्री क्षेत्रों में, मछुआरों को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह दी गई है, और शनिवार तक दक्षिण-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में भी सतर्कता बरतने को कहा गया है।

नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखें, अनावश्यक यात्रा स्थगित करें, और बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें। श्वसन रोगियों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: भारत में ऑरेंज अलर्ट का क्या मतलब है?
उत्तर: भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि मौसम की स्थिति खतरनाक है। इस स्तर की चेतावनी जारी होने पर लोगों को तैयार रहने, यात्रा की योजनाओं को स्थगित करने और सभी आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है।

प्रश्न: घना कोहरा और धुंध में क्या अंतर है?
उत्तर: मुख्य अंतर दृश्यता की दूरी का है। कोहरा तब कहा जाता है जब दृश्यता 1,000 मीटर से कम हो जाती है। जब दृश्यता 100 मीटर से कम हो, तो उसे घना कोहरा माना जाता है। वहीं, धुंध (Mist) में दृश्यता 1,000 मीटर से अधिक होती है।

प्रश्न: कोहरे में ड्राइविंग के लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह क्या है?
उत्तर: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपनी गति इतनी धीमी रखें कि आप उतनी ही दूरी के भीतर रुक सकें, जितनी आप देख पा रहे हैं। साथ ही, हमेशा लो-बीम हेडलाइट्स का ही प्रयोग करें।

प्रश्न: क्या भारत में यह मौसमी स्थिति असामान्य है?
उत्तर: नहीं, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में दिसंबर और जनवरी के महीनों में घना कोहरा और शीतलहर एक सामान्य मौसमी घटना है। हालांकि, इस वर्ष यह काफी व्यापक क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी तीव्रता भी अधिक है, जिसके कारण मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

ainewsworld
Author: ainewsworld

यह भी पढ़ें

टॉप स्टोरीज