विश्व को चकित करने वाले एमपेम्बा प्रभाव का रहस्य भारतीय वैज्ञानिकों ने सुलझाया, सुपरकंप्यूटर सिमुलेशन से मिली बड़ी कामयाबी

दुनियाभर के वैज्ञानिकों के लिए लंबे समय से पहेली बना एक आश्चर्यजनक प्रभाव – ‘एमपेम्बा प्रभाव’ – जिसमें गर्म पानी, ठंडे पानी की तुलना में तेजी से जमता है, अब रहस्य नहीं रहा। भारत के वैज्ञानिकों ने पहली बार एक शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर सिमुलेशन विकसित कर इस विरोधाभास की वैज्ञानिक व्याख्या सफलतापूर्वक प्रस्तुत कर दी है।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस ऐतिहासिक शोध उपलब्धि की जानकारी दी है। जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (जेएनसीएएसआर), बंगलुरु के शोधकर्ताओं की टीम ने हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग का उपयोग कर बर्फ निर्माण की प्रक्रिया का अब तक का पहला विस्तृत सिमुलेशन तैयार किया। इससे न केवल पानी में एमपेम्बा प्रभाव की पुष्टि हुई, बल्कि यह भी पता चला कि यह प्रभाव अन्य कई पदार्थों में भी देखा जा सकता है, जो द्रव अवस्था से ठोस अवस्था में बदलते हैं।

यह शोध, जो ‘जर्नल ऑफ कम्युनिकेशन फिजिक्स’ में प्रकाशित हुआ है, विज्ञान की दुनिया में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। इसका महत्व केवल एक पुराने रहस्य को सुलझाने तक सीमित नहीं है। इस खोज से भविष्य में मटीरियल साइंस, क्रायोजेनिक्स, खाद्य संरक्षण तकनीक और जलवायु मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी।

अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय में मिली सराहना:

यह खोज भारतीय वैज्ञानिक शोध की बढ़ती क्षमता का प्रमाण है और वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है। अमेरिका, यूरोप (ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी), रूस, जापान और चीन सहित दुनिया भर के वैज्ञानिक इस सिमुलेशन आधारित नई समझ को भौतिकी की एक बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं। यह दर्शाता है कि भारत अत्याधुनिक कंप्यूटेशनल तकनीकों के माध्यम से जटिल वैज्ञानिक समस्याओं के समाधान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

एमपेम्बा प्रभाव क्या है?
एमपेम्बा प्रभाव एक ऐसी घटना है जिसमें एक निश्चित स्थिति में गर्म पानी ठंडे पानी की तुलना में तेजी से बर्फ में बदल जाता है। इसका नाम तंजानिया के एक छात्र एरास्टो एमपेम्बा के नाम पर रखा गया था, जिसने 1960 के दशक में इसे प्रयोगों के दौरान देखा था। तब से लेकर आज तक इसके पीछे के सटीक कारणों पर वैज्ञानिक बहस करते रहे हैं।

भारतीय वैज्ञानिकों का यह सफल सिमुलेशन न केवल एक सैद्धांतिक सफलता है, बल्कि यह भविष्य की तकनीकी नवाचारों के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करता है।

 

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Author: ainewsworld

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