अमेरिकी सैन्य हमले में वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो गिरफ्तार, न्यूयॉर्क ले जाए जा रहे

अमेरिका ने शनिवार तड़के वेनेजुएला की राजधानी काराकास और अन्य स्थानों पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को गिरफ्तार कर देश से बाहर ले जाया गया है। यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा पिछले कई महीनों से वेनेजुएला पर डाले जा रहे दबाव का चरम बिंदु है।

मादुरो पर अमेरिका में नार्को-टेररिज्म और कोकीन तस्करी के आरोप हैं और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां अमेरिकी अदालत में उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा। इस हमले के बाद वेनेजुएला में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया गया है और सरकार ने अपने समर्थकों से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है।

हमले का विवरण और ऑपरेशन

यह सैन्य कार्रवाई स्थानीय समयानुसार रात में हुई और करीब 30 मिनट तक चली।

· काराकास में कम से कम सात बड़े धमाके हुए, जिनकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
· हमले में शहर के बीचोंबीच स्थित ला कार्लोटा सैन्य हवाई अड्डा और मुख्य सैन्य अड्डा फुएर्ते तिउना निशाने पर थे। इन इलाकों से धुएं के गुबार उठते देखे गए।
· अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मादुरो को उनके अत्यधिक सुरक्षित आवास से गिरफ्तार किया गया, जिसे “एक किले” की तरह बताया। सीबीएस न्यूज और सीएनएन के अनुसार, यह ऑपरेशन अमेरिकी सेना की विशिष्ट डेल्टा फोर्स ने अंजाम दिया।
· इस कार्रवाई की कानूनी वैधता अभी तक स्पष्ट नहीं है। अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने बताया कि उन्हें इस ऑपरेशन की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।

विश्व की प्रतिक्रिया: निंदा से लेकर समर्थन तक

इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर दिया है और प्रतिक्रियाएं विभाजित हैं।

निंदा करने वाले देश:

· रूस: “यह एक सशस्त्र आक्रामकता है… जो गहरी चिंता का विषय है और इसकी निंदा की जानी चाहिए”।
· चीन: “किसी संप्रभु राष्ट्र और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ बल प्रयोग का यह घृणित कार्य… अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है”।
· ईरान: “हम दुश्मन के आगे झुकेंगे नहीं… उसे घुटनों पर लाएंगे”।
· क्यूबा: “हमारे शांति क्षेत्र पर बर्बरतापूर्ण हमला किया जा रहा है… अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तत्काल प्रतिक्रिया की मांग”।
· ब्राजील, कोलंबिया, मैक्सिको, चिली जैसे लैटिन अमेरिकी देशों ने भी हमले की निंदा की और कूटनीतिक समाधान की वकालत की।

सतर्क या समर्थन करने वाले:

· अर्जेंटीना: राष्ट्रपति जेवियर मिले ने ट्रंप के साथ एकजुटता जताते हुए अपना नारा दोहराया: “स्वतंत्रता जिंदाबाद”।
· यूरोपीय संघ: ने कहा कि “मादुरो वैध नेता नहीं हैं” लेकिन साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान और संयम बरतने का आह्वान किया।
· ब्रिटेन: प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि उनका देश इस ऑपरेशन में शामिल नहीं था और वह तथ्यों को स्थापित करना चाहते हैं।

आगे की राह अनिश्चित

मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला का भविष्य अत्यंत अनिश्चित है।

· वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने मादुरो और उनकी पत्नी के जीवित होने के सबूत की मांग की है। देश के कानून के अनुसार, राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति सत्ता संभाल सकती हैं।
· रक्षा मंत्री ने पूरे देश में सेना तैनात करने और “विदेशी सैनिकों की मौजूदगी का विरोध” करने की घोषणा की है।
· अमेरिका और उसके सहयोगी विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो या 2024 के चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार एडमुंडो गोंजालेज को सत्ता हस्तांतरण के लिए प्रेरित करने का प्रयास कर सकते हैं। हालांकि, मादुरो सरकार की सेना, न्यायपालिका और सशस्त्र समूहों पर मजबूत पकड़ है, जिससे त्वरित और शांतिपूर्ण परिवर्तन मुश्किल लगता है।

यह घटना 1989 में पनामा पर अमेरिकी आक्रमण के बाद से लैटिन अमेरिका में अमेरिका की सबसे बड़ी सीधी सैन्य कार्रवाई है। इसने न केवल क्षेत्र बल्कि पूरी दुनिया में राजनयिक तूफान खड़ा कर दिया है। वेनेजुएला में आगे हिंसा, शक्ति संघर्ष या अस्थिरता का खतरा मंडरा रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर इसके दूरगामी प्रभाव होंगे।

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Author: ainewsworld

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