शिक्षा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री युवा लेखक मार्गदर्शन योजना (पीएम-युवा) के तीसरे चरण की प्रतियोगिता के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस चरण में देश की 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में कुल 43 पुस्तक प्रस्तावों का चयन किया गया है।
चयनित युवा लेखकों को अब अपने प्रस्ताव को पूर्ण पुस्तक के रूप में विकसित करने के लिए छह महीने का समय मिलेगा। इस दौरान उन्हें प्रति माह 50,000 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। पुस्तक प्रकाशित होने के बाद, लेखकों को उसकी बिक्री पर 10 प्रतिशत की आजीवन रॉयल्टी भी मिलती रहेगी।
योजना का उद्देश्य और प्रकाशन की तिथि
पीएम-युवा योजना का प्रमुख लक्ष्य भारत तथा विदेशों में देश के साहित्य और विचारों का प्रतिनिधित्व करने वाली लेखकों की एक नई पीढ़ी को प्रोत्साहित करना है। तीसरे चरण के अंतर्गत चयनित पुस्तकों का पहला सेट अगले वर्ष (2025) प्रकाशित किया जाएगा। यह योजना नवोदित लेखकों को रचनात्मक लेखन को अपना पेशा बनाने के लिए एक व्यावहारिक और वित्तीय आधार प्रदान करती है।
युवा लेखकों के लिए समर्थन
योजना के तहत चयनित प्रत्येक लेखक को मिलने वाले मासिक 50,000 रुपये की छात्रवृत्ति का उद्देश्य उन्हें आर्थिक चिंताओं से मुक्त होकर अपनी रचना पर ध्यान केंद्रित करने में सहायता करना है। 10% की आजीवन रॉयल्टी का प्रावधान लेखक को उनके काम के दीर्घकालिक वित्तीय लाभ से जोड़ता है, जो भारत में साहित्यिक योजनाओं में एक प्रगतिशील कदम है।
बहुभाषीय साहित्य को बढ़ावा
तीसरे चरण में 23 भाषाओं (22 भारतीय भाषाएं + अंग्रेजी) में पुस्तक प्रस्तावों का चयन देश की भाषाई विविधता को मजबूत करने और क्षेत्रीय भाषाओं में गुणवत्तापूर्ण साहित्य के सृजन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे देश के कोने-कोने के प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी मातृभाषा में लिखने का अवसर मिलेगा।
पीएम-युवा योजना युवा लेखकों के सपनों को पंख देने और भारत को “विश्व गुरु” बनाने के संकल्प को साहित्य के क्षेत्र में साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम है। यह न केवल युवाओं को लेखन के प्रति प्रेरित करेगी, बल्कि देश को समृद्ध साहित्यिक विरासत भी प्रदान करेगी।
Author: ainewsworld