दुर्लभ बीमारी SMA के खिलाफ संयुक्त अरब अमीरात की बड़ी कामयाबी-
संयुक्त अरब अमीरात केअबू धाबी में ‘शेख खलीफा मेडिकल सिटी’ दुनिया का पहला अस्पताल बन गया है जहां Spinal Muscular Atrophy (SMA) के इलाज के लिए क्रांतिकारी ‘ITVismaa’ (Onasemnogene abeparvovec) जीन थेरेपी का इस्तेमाल शुरू किया गया है। यह उपचार नोवार्टिस द्वारा विकसित किया गया है।
अबू धाबी की शेख खलीफा मेडिकल सिटी (SKMC) ने वैश्विक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। यह अस्पताल स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (Spinal Muscular Atrophy – SMA) नामक दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी के इलाज के लिए आईटीविस्मा (ITVismaa / Onasemnogene abeparvovec) नामक जीन थेरेपी का इस्तेमाल करने वाला दुनिया का पहला अस्पताल बन गया है। यह कदम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को मध्य पूर्व के स्वास्थ्य और चिकित्सा अनुसंधान हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मील का पत्थर है।
SMA एक गंभीर आनुवंशिक न्यूरोमस्कुलर बीमारी है जो शरीर की मांसपेशियों को नियंत्रित करने वाली तंत्रिका कोशिकाओं को प्रभावित करती है। इसके कारण मांसपेशियों में कमजोरी आती है जो चलने-फिरने, खाने और सांस लेने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है। आईटीविस्मा थेरेपी, स्विस फार्मा कंपनी नोवार्टिस द्वारा विकसित, एक एकल-खुराक वाला जीन-आधारित उपचार है जो बीमारी के मूल कारण पर काम करता है। इसे दो साल तक की आयु के शिशुओं से लेकर वयस्कों तक के रोगियों पर इस्तेमाल के लिए अनुमोदित किया गया है।
क्या है आईटीविस्मा (ITVismaa) थेरेपी?
· जीन थेरेपी: यह उपचार सीधे रोग के आनुवंशिक कारण को ठीक करने का प्रयास करता है।
· एकल खुराक: इलाज का पूरा कोर्स सिर्फ एक बार के इंजेक्शन में समाप्त हो जाता है, जबकि पारंपरिक उपचार जीवनभर चलते हैं।
· उम्र सीमा: इसका उपयोग 2 वर्ष से कम उम्र के शिशुओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के रोगियों पर किया जा सकता है।
इलाज की संभावित लागत और वैश्विक पहुंच
इस थेरेपी की सटीक कीमत सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि यह नोवार्टिस की एक समान SMA जीन थेरेपी ज़ोलजेन्स्मा (Zolgensma) के समान हो सकती है, जिसकी एक खुराक की कीमत लगभग 20 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 16.6 करोड़ भारतीय रुपये) है। यह अत्यधिक उच्च लागत दुनिया भर, खासतौर पर भारत, अमेरिका, चीन और जापान जैसे देशों में रोगियों और स्वास्थ्य बीमा प्रणालियों के लिए एक बड़ी चुनौती है। अबू धाबी में इस उपचार की शुरुआत से यह उम्मीद जगी है कि भविष्य में प्रतिस्पर्धा और पहुंच बढ़ने पर इसकी लागत कम हो सकती है।
वैश्विक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
यह घटना केवल यूएई तक सीमित चिकित्सा उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसका वैश्विक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव है:
· वैश्विक आशा का केंद्र: अमेरिका, यूरोप, चीन, जापान और भारत सहित दुनिया भर के SMA रोगी और उनके परिवार अब उन्नत इलाज के लिए अबू धाबी को एक नए गंतव्य के रूप में देखेंगे।
· मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा: यह यूएई को, विशेष रूप से दुबई और अबू धाबी को, अत्याधुनिक चिकित्सा उपचारों के लिए एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में मजबूती प्रदान करेगा।
· अनुसंधान का नया युग: इस सफलता से क्षेत्र में और अधिक नैदानिक परीक्षणों तथा अनुसंधान गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।
अबूधाबी का यह कदम आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में जीन थेरेपी की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है। शेख खलीफा मेडिकल सिटी द्वारा आईटीविस्मा थेरेपी की शुरुआत न केवल स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से जूझ रहे हज़ारों रोगियों के लिए नई आशा की किरण है, बल्कि यह पूरे मध्य पूर्व क्षेत्र को वैश्विक स्वास्थ्य नवाचार के नक्शे पर एक प्रमुख स्थान दिलाने का काम भी करेगी। अगले कुछ वर्षों में, इस थेरेपी की पहुंच और सामर्थ्य में वृद्धि पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी रहेंगी।
Author: ainewsworld