भारत ने अमेरिका से कहा: H-1B वीज़ा प्रक्रिया में देरी से भारतीय पेशेवर परेशान, तत्काल समाधान की मांग

भारत सरकार नेअमेरिकी H-1B वीज़ा प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी को लेकर चिंता जताई है। जानें कैसे यह देरी भारतीय पेशेवरों और छात्रों की पढ़ाई व करियर प्रभावित कर रही है और भारत अमेरिका से इसका समाधान कैसे चाहता है।

अमेरिकी H-1B वीज़ा प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी और उससे उत्पन्न समस्याओं को लेकर भारत सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों के सामने अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि वह इस मुद्दे को हल करने के लिए अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रहा है।

देरी से पढ़ाई और करियर प्रभावित

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार को उन भारतीय नागरिकों से कई शिकायतें मिली हैं, जिन्हें अमेरिकी वीज़ा के लिए अपॉइंटमेंट शेड्यूल या दोबारा शेड्यूल करने में काफी देरी और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस देरी का सीधा असर प्रभावित लोगों और उनके परिवारों पर पड़ रहा है। जायसवाल ने बताया कि इसकी वजह से कई लोगों की पढ़ाई बीच में रुक गई है, जबकि कई पेशेवरों का करियर अनिश्चितता के दौर में फंस गया है।

दोनों राजधानियों में उठाई गई चिंता

भारत सरकार ने इस गंभीर मुद्दे को अमेरिकी अधिकारियों के सामने नई दिल्ली और वाशिंगटन डीसी दोनों जगह उठाया है। सरकार का उद्देश्य वीज़ा प्रक्रिया में तेजी लाने और भारतीय आवेदकों की परेशानियों को कम करने के लिए एक ठोस समाधान निकालना है।

H-1B वीज़ा अमेरिका में कुशल विदेशी पेशेवरों, खासकर प्रौद्योगिकी क्षेत्र में काम करने वालों के लिए एक प्रमुख वर्क परमिट है। हजारों भारतीय पेशेवर और छात्र इस वीज़ा पर अमेरिका में रहते और काम करते हैं।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर चिंता

इसी संवाददाता सम्मेलन में, प्रवक्ता जायसवाल ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने बांग्लादेश के मैमनसिंह शहर में एक हिंदू युवक की नृशंस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस अपराध के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।

जायसवाल ने कहा कि अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान स्वतंत्र सूत्रों ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की 2,900 से अधिक घटनाएं दर्ज की हैं, जिनमें हत्या, आगजनी और जमीन हड़पने के मामले शामिल हैं। भारत ने इस मामले पर बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ अपनी चिंता साझा की है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

आगे की राह

भारत सरकार ने H-1B वीज़ा मुद्दे को प्राथमिकता के साथ उठाया है और अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। हज़ारों भारतीय पेशेवर और उनके परिवार इस बातचीत के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं, क्योंकि इससे उनके भविष्य और शैक्षणिक लक्ष्यों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा.

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Author: ainewsworld

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