कल से प्रभावी हुए नए नियम; उपनगरीय सेवाओं और सीजन टिकटों के दाम अपरिवर्तित

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और अपने परिचालन व्यय के बीच संतुलन बनाते हुए यात्री किराया ढांचे में संशोधन किया है। यह नया ढांचा गुरुवार से प्रभावी हो गया है। रेल मंत्रालय के अनुसार, इस संशोधन का उद्देश्य सेवाओं की गुणवत्ता और निरंतरता बनाए रखना है।
मुख्य बदलावों में, उपनगरीय रेल सेवाओं और सीजन टिकटों के किराए को अपरिवर्तित रखा गया है। नया किराया केवल आज या इसके बाद बुक किए जाने वाले टिकटों पर ही लागू होगा। पहले से बुक किए गए टिकटों पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
किराया वृद्धि की रूपरेखा:
1. साधारण द्वितीय श्रेणी (गैर-वातानुकूलित):
· 215 किमी तक की यात्रा: कोई वृद्धि नहीं। इससे कम दूरी और दैनिक यात्री प्रभावित नहीं होंगे।
· 216-750 किमी: 5 रुपये की वृद्धि।
· 751-1250 किमी: 10 रुपये की वृद्धि।
· 1251-1750 किमी: 15 रुपये की वृद्धि।
· 1751-2250 किमी: 20 रुपये की वृद्धि।
2. साधारण स्लीपर व प्रथम श्रेणी (गैर-वातानुकूलित): गैर-उपनगरीय यात्राओं के लिए इन श्रेणियों के किराए में प्रति किलोमीटर 1 पैसे की एक समान वृद्धि की गई है।
3. मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें: सभी गैर-वातानुकूलित और वातानुकूलित श्रेणियों (जैसे स्लीपर, एसी तीन-टियर, एसी दो-टियर, एसी प्रथम श्रेणी आदि) के किराए में प्रति किलोमीटर 2 पैसे की वृद्धि की गई है।
4. प्रीमियम ट्रेनें: तेजस, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, हमसफर, अमृत भारत जैसी सेवाओं के मूल किराए को भी श्रेणीवार बढ़ोतरी के अनुरूप संशोधित किया गया है।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट चार्ज या अन्य सहायक शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही, जीएसटी की दरों में भी कोई परिवर्तन नहीं है। किराये की गणना मौजूदा नियमों के अनुसार ही गोलाकार की जाएगी।
Author: ainewsworld