बांग्लादेश: 17 साल बाद स्वदेश लौटे BNP के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान, चुनावी रणनीति पर चर्चा शुरू

बांग्लादेश में अगले साल होने वाले संसदीय चुनावों से कुछ हफ्ते पहले देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी बंगबंधु नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान गुरुवार को 17 वर्षों के बाद स्वदेश लौटे। उनके ढाका आगमन को चुनावी राजनीति में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

तारिक रहमान लंदन से एक विमान द्वारा सीधे शेलहट हवाई अड्डे पहुंचे, जहां बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। उनके साथ उनके परिवार के सदस्य और कुछ करीबी सहयोगी भी थे।

हवाई अड्डे पर मौजूद समर्थकों से संक्षिप्त बातचीत में तारिक रहमान ने पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया और आगामी चुनावों में एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। इसके बाद वे सीधे पुरबाचल क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे।

तारिक रहमान ने वर्ष 2008 में चिकित्सा कारणों से बांग्लादेश छोड़ा था, लेकिन पिछले कई वर्षों से वे लंदन में निर्वासित जीवन बिता रहे थे। बीएनपी के अनुसार, शेख हसीना सरकार के दौरान उनके खिलाफ लंबित सभी मुकदमों को हाल ही में वापस ले लिया गया था, जिसके बाद उनकी वापसी का रास्ता साफ हुआ।

उनकी वापसी के कार्यक्रम में यह भी शामिल है कि वे अस्पताल में भर्ती अपनी माँ और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से मिलेंगे, जो लंबे समय से अस्वस्थ चल रही हैं।

चुनावी राजनीति में नया मोड़

विश्लेषकों का मानना है कि आगामी जनवरी-फरवरी में होने वाले आम चुनावों से ठीक पहले तारिक रहमान की वापसी बीएनपी के लिए एक रणनीतिक कदम है। पार्टी इसे एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है और उम्मीद जता रही है कि इससे चुनाव प्रचार को नई गति मिलेगी।

एक अन्य विकास: गृह मंत्रालय के अधिकारी का इस्तीफा

इस बीच, एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में बांग्लादेश के गृह मंत्रालय में मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के विशेष सहायक खुदा बख्श चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बांग्लादेश के राष्ट्रपति द्वारा जारी एक राजपत्रित अधिसूचना के माध्यम से उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

हालाँकि, इस्तीफे के पीछे के कारणों की अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। यह कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

तारिक रहमान की वापसी ने बांग्लादेश की चुनावी राजनीति में नया चैप्टर शुरू कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कैसे बीएनपी अपनी रणनीति तय करती है और शेख हसीना के नेतृत्व वाली मौजूदा आवामी लीग सरकार के सामने चुनौती पेश करती है.

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Author: ainewsworld

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