केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भोपाल में जारी की 10वें सर्वेक्षण की कार्यदिशा पुस्तिका, इस बार नागरिक पूरे साल दे सकेंगे फीडबैक और देश भर के नदी किनारे बसे शहर भी होंगे शामिल।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को भोपाल में दुनिया के सबसे बड़े शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण, स्वच्छ सर्वेक्षण (Swachh Survekshan) के 10वें संस्करण की औपचारिक शुरुआत की। इस ऐतिहासिक संस्करण में नागरिकों की भूमिका को और मजबूत किया गया है, जिससे यह सर्वेक्षण अब एक वार्षिक रैंकिंग से आगे बढ़कर एक सतत नागरिक-केंद्रित प्रबंधन उपकरण बन गया है ।
मंत्री ने यहां आयोजित एक कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की कार्यदिशा पुस्तिका (टूलकिट) जारी की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह सर्वेक्षण स्वच्छता को जीवनशैली बनाने की राष्ट्र की प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है। पिछले एक दशक में यह सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी का एक उल्लेखनीय उदाहरण रहा है ।
🎯 ‘बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’: इस बार की थीम
इस वर्ष स्वच्छ सर्वेक्षण का विषय “स्वच्छता की नई पहल – बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ” रखा गया है, जो सामूहिक प्रयास और साझा जिम्मेदारी पर जोर देता है । सर्वेक्षण का उद्देश्य केवल शहरों को रैंक देना नहीं, बल्कि कचरा मुक्त शहर (Garbage Free Cities) बनाने के लिए परिवर्तन को गति देना है ।
📈 एक दशक में विस्तार का सफरनामा
स्वच्छ सर्वेक्षण ने पिछले दस वर्षों में अभूतपूर्व विकास किया है:
· 2016: सर्वेक्षण की शुरुआत 73 शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) से हुई।
· 2024: इसका दायरा बढ़कर लगभग 4,900 यूएलबी तक पहुंच गया।
· उद्देश्य: शहरों को स्वच्छता मानक बढ़ाने और नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के लिए प्रेरित करना ।
📱 नागरिकों की आवाज को मिलेगा पूरा वजन
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की सबसे बड़ी खासियत नागरिक भागीदारी को मिली नई ताकत है। पिछले कुछ वर्षों में नागरिकों की राय एक शक्तिशाली मूल्यांकन उपकरण बन गई है । इसे और बल देने के लिए इस वर्ष से महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं:
· पूरे वर्ष फीडबैक: नागरिक अब साल में केवल एक बार नहीं, बल्कि पूरे वर्ष भर अपनी प्रतिक्रिया दे सकेंगे।
· कई डिजिटल माध्यम: फीडबैक देने के लिए ‘वोट फॉर माय सिटी’ ऐप व पोर्टल, ‘माईगव’ ऐप, ‘स्वच्छता’ ऐप और क्यूआर कोड जैसे कई प्लेटफॉर्म उपलब्ध होंगे।
· बढ़ा हुआ महत्व: सर्वेक्षण में नागरिक सत्यापन (Citizen Validation) के वेटेज को काफी बढ़ा दिया गया है ।
🌊 नदी और तटीय शहर भी होंगे शामिल
स्वच्छ सर्वेक्षण अपने दायरे का विस्तार कर रहा है। अब तक यह मुख्य रूप से गंगा-बहुल शहरों का आकलन करता था, लेकिन इस बार इसमें देश भर के सभी नदी-बहुल शहरों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, तटीय क्षेत्रों की विशिष्ट चुनौतियों के मद्देनजर उनके लिए एक अलग मूल्यांकन मैट्रिक्स भी तैयार किया गया है ।
👥 स्वच्छ शहर जोड़ी (SSJ) से ज्ञान का साझाकरण
स्वच्छता के मोर्चे पर सहकर्मी शिक्षा (Peer Learning) और मेंटरशिप को बढ़ावा देने के लिए आवासन मंत्रालय ने सितंबर 2025 में ‘स्वच्छ शहर जोड़ी’ (Swachh Shehar Jodi – SSJ) कार्यक्रम शुरू किया था। इसके तहत:
· 72 मेंटर शहरों और 200 मेंटी शहरों ने ज्ञान हस्तांतरण के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
· इन जोड़ियों के प्रदर्शन को मान्यता देने के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में एक नई पुरस्कार श्रेणी भी शुरू की गई है ।
🔍 कड़े प्रोटोकॉल और पारदर्शी मूल्यांकन
इस बार के सर्वेक्षण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक कड़ी निगरानी वाला, प्रोटोकॉल-संचालित मूल्यांकन ढांचा अपनाया गया है । इसमें शामिल है:
· राष्ट्रीय निगरानी टीम: प्रक्रिया की देखरेख के लिए एक राष्ट्रीय निरीक्षण टीम।
· राज्य-वार संपर्क अधिकारी: पहली बार प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक समर्पित एकल-बिंदु संपर्क प्रभारी नियुक्त किया गया है।
· फील्ड मूल्यांकनकर्ता: देश भर के 3,000 से अधिक प्रशिक्षित फील्ड मूल्यांकनकर्ता 45 दिनों तक ऑन-ग्राउंड सर्वेक्षण करेंगे।
· डिजिटल प्रक्रिया: साक्ष्य प्रस्तुत करने से लेकर सत्यापन तक की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और सख्त गुणवत्ता जांच के अधीन है। फील्ड टीमों की गतिविधियों पर वास्तविक समय, जीपीएस-सक्षम निगरानी भी रहेगी ।
📅 आगे का रोडमैप: कब से शुरू होंगे मूल्यांकन?
टूलकिट जारी होने के बाद अब आगे की कार्यवाही इस प्रकार होगी:
· फील्ड मूल्यांकन फरवरी 2026 के मध्य से मार्च 2026 के बीच शुरू होने की उम्मीद है।
· कचरा मुक्त शहर (GFC) और खुले में शौच मुक्त (ODF) प्रमाणन मूल्यांकन भी फरवरी 2026 के मध्य से शुरू होगा ।
🏙️ भोपाल में शहरी विकास पर जोर
स्वच्छ सर्वेक्षण के लॉन्च के साथ ही केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का भोपाल दौरा शहरी विकास के व्यापक एजेंडे पर केंद्रित रहा। उन्होंने भोपाल मेट्रो रेल के पहले चरण को भी हरी झंडी दिखाई और कहा कि मेट्रो नेटवर्क की लंबाई के मामले में भारत जल्द ही अमेरिका को पीछे छोड़ देगा । इसके अलावा, उन्होंने शहरी विकास मंत्रियों की एक क्षेत्रीय बैठक की भी अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने वर्ष 2047 के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए शहरों की योजनाएं बनाने पर बल दिया ।
स्वच्छ सर्वेक्षण का दसवां संस्करण न केवल एक सर्वेक्षण बल्कि एक ऐसा मंच है जो नागरिकों को समान हितधारक के रूप में सशक्त बनाता है और स्वच्छता को एक साझी राष्ट्रीय आकांक्षा व सामूहिक गौरव का विषय बनाने की दिशा में अग्रसर है ।
Author: ainewsworld