शिक्षा और टेक्नोलॉजी का नया हब बनेगा कोटा, IIIT को विश्वस्तरीय संस्थान बनाने का ऐलान

IIIT कोटा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन एनर्जी, एटॉमिक स्टडीज जैसे भविष्य उन्मुख पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
IIIT कोटा को अगले एक दशक में 25 हजार छात्र क्षमता वाला एक विश्वस्तरीय तकनीकी संस्थान विकसित किया जाएगा।

लोकसभा स्पीकर माननीय ओम बिरला और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच हुई एक ऐतिहासिक बैठक ने कोटा-बूंदी क्षेत्र के शैक्षणिक भविष्य की दिशा तय कर दी है। संसद भवन में हुई इस बैठक में आगामी दस वर्षों में IIIT कोटा की छात्र क्षमता को 25,000 तक बढ़ाने और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व ग्रीन एनर्जी का प्रमुख केंद्र बनाने पर सहमति बनी है। इसके साथ ही क्षेत्र में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के भी ठोस प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।

IIIT कोटा का भविष्य: विश्वस्तरीय संस्थान का दस साल का रोडमैप

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा IIIT कोटा को देश की एक आदर्श तकनीकी संस्था के रूप में विकसित करना था। इसके लिए निम्नलिखित योजनाओं पर कार्य होगा:

· छात्र क्षमता में विस्तार: अगले दस वर्षों में संस्थान में विद्यार्थियों की संख्या को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 25,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
· फ्यूचरिस्टिक कोर्सेज पर फोकस: संस्थान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन एनर्जी, एटॉमिक स्टडीज और पंप स्टोरेज जैसे भविष्य उन्मुख तकनीकी पाठ्यक्रमों का केंद्र बनाया जाएगा।
· उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना: शैक्षणिक गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए संस्थान में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
· तेज कार्रवाई: इस दिशा में तेजी लाने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं, जो एक माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

कोटा-बूंदी में स्कूली शिक्षा सुधार पर भी जोर

बैठक में केवल उच्च शिक्षा पर ही नहीं, बल्कि कोटा-बूंदी क्षेत्र में स्कूली शिक्षा के स्तर को सुधारने पर भी गहन चर्चा हुई। इसमें शामिल हैं:

· संवैधानिक मूल्यों से जोड़ना: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ‘नो योर कॉन्स्टिट्यूशन’ कार्यक्रम को स्कूलों में व्यापक रूप से लागू करने पर जोर दिया, ताकि विद्यार्थी संविधान के मूल्यों को समझ सकें।
· संसद भ्रमण योजना: देशभर के मेधावी छात्रों को प्रतियोगिता के माध्यम से चुनकर संसद भ्रमण के लिए आमंत्रित करने का प्रस्ताव रखा गया।
· पीएम श्री स्कूलों का विस्तार: क्षेत्र में पीएम श्री विद्यालयों की संख्या बढ़ाने और राजस्थान के शिक्षा बजट में केंद्रीय सहायता को मजबूत करने पर भी सहमति बनी।

कोटा को मिल रहा है शिक्षा हब बनने का अवसर

नेताओं ने बैठक में कोटा क्षेत्र की उन विशेषताओं को रेखांकित किया, जो इसे एक आदर्श शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी केंद्र बनाती हैं:

· मजबूत शैक्षणिक पहचान: प्रतिवर्ष लगभग डेढ़ लाख विद्यार्थी आईआईटी व मेडिकल की तैयारी के लिए कोटा आते हैं, जो यहां पहले से मजबूत शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र का प्रमाण है।
· भौगोलिक लाभ: चंबल नदी क्षेत्र की प्राकृतिक समृद्धि और रावतभाटा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र की मौजूदगी इसे तकनीकी व ऊर्जा शिक्षा के लिए अनुकूल बनाती है।
· उत्कृष्ट कनेक्टिविटी: शहर की मजबूत सड़क व रेल कनेक्टिविटी के साथ-साथ आने वाले समय में एयर कनेक्टिविटी के सुगम होने से यह और भी आकर्षक बनेगा।

कोटा की शिक्षण पहचान: परिवर्तन की ओर

यह बैठक कोटा की शैक्षणिक छवि के एक बड़े बदलाव की शुरुआत का संकेत देती है।

पारंपरिक पहचान

· मुख्य भूमिका: कोचिंग और प्रवेश परीक्षा तैयारी का केंद्र
· छात्र आबादी: मुख्य रूप से अल्पकालिक, कोचिंग-केंद्रित
· शैक्षणिक फोकस: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
· आर्थिक प्रभाव: कोचिंग उद्योग पर निर्भरता

भविष्य की संभावना

· मुख्य भूमिका: उच्च शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार का हब
· छात्र आबादी: दीर्घकालिक, डिग्री और शोध-केंद्रित
· शैक्षणिक फोकस: एआई, ग्रीन एनर्जी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में डिग्री और शोध
· आर्थिक प्रभाव: तकनीकी नवाचार, स्टार्ट-अप और रोजगार सृजन पर विस्तार

इस बैठक में केंद्र सरकार के उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, तकनीकी शिक्षा विभागों तथा राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। इससे स्पष्ट है कि कोटा-बूंदी क्षेत्र को देश में उच्च शिक्षा और टेक्नोलॉजी के प्रमुख हब के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर गंभीर प्रयास शुरू हो गए हैं।

 

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Author: ainewsworld

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