प्रधानमंत्री मोदी की ऐतिहासिक ओमान यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय ओमान यात्रा (17-18 दिसंबर 2025) ने भारत और ओमान के बीच 70 साल पुराने राजनयिक संबंधों को एक नई रणनीतिक ऊंचाई दी है। मस्कट के अल बराका पैलेस में सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ हुई बैठक में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण है समग्र आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA).
यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा और द्विपक्षीय व्यापार को नई गति देगा। दोनों नेताओं ने इस बात पर संतोष जताया कि भारत-ओमान व्यापार पहले ही 10 बिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है और CEPA इसे और बढ़ावा देगा।
एक नजर में: भारत-ओमान CEPA के प्रमुख बिंदु
· लक्ष्य: व्यापारिक बाधाओं को कम करना, निवेश प्रवाह बढ़ाना।
· उम्मीदें: दोनों देशों में रोजगार सृजन और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाना।
· व्यापक प्रभाव: अर्थव्यवस्था के सभी प्रमुख क्षेत्रों में नए अवसरों का सृजन।
सहयोग के नए आयाम: ऊर्जा से लेकर सांस्कृतिक आदान-प्रदान तक
इस यात्रा में सिर्फ CEPA ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी सहमति बनी।
ऊर्जा सहयोग: परंपरागत और नवीकरणीय दोनों क्षेत्रों में साझेदारी
· हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया परियोजनाओं पर संयुक्त कार्य।
· दीर्घकालिक ऊर्जा व्यवस्थाओं और नवीकरणीय ऊर्जा उद्यमों पर चर्चा।
· ओमान का अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होना और अन्य गठबंधनों के लिए आमंत्रण।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा: क्षेत्रीय स्थिरता के लिए साझा प्रतिबद्धता
· संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण और उच्चस्तरीय दौरों के माध्यम से रक्षा सहयोग को गहरा करने पर सहमति।
· समुद्री डकैती और अपराध रोकथाम के लिए सूचना साझा करने पर जोर।
· संयुक्त समुद्री सहयोग दृष्टि पत्र को अपनाया गया, जो “ब्लू इकॉनमी” और समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग पर केंद्रित है।
कृषि और डिजिटल भारत: नवाचार और आत्मनिर्भरता की ओर कदम
· कृषि विज्ञान, पशुपालन, जलीय कृषि और श्री अन्न (मिलेट) की खेती में सहयोग।
· श्री अन्न की खेती में सहयोग के लिए एक कार्यकारी कार्यक्रम पर हस्ताक्षर।
· डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में UPI और ओमान की प्रणाली के बीच सहयोग तथा रुपे कार्ड के अपनाने पर चर्चा।
· स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को सुगम बनाने के तंत्र पर विचार।
संस्कृति और शिक्षा: सदियों पुराने रिश्तों को नई पहचान
· समुद्री धरोहर और संग्रहालयों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन।
· उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संकाय और शोधकर्ताओं के आदान-प्रदान पर समझौता।
· ओमान में सोहार विश्वविद्यालय में भारतीय अध्ययन कुर्सी और राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयुष कुर्सी स्थापित करने का प्रस्ताव।
एक विशेष सम्मान: ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ से नवाजे गए पीएम मोदी
इस यात्रा का एक भावनात्मक और ऐतिहासिक पल तब आया जब सुल्तान हैथम बिन तारिक ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ (प्रथम श्रेणी) से सम्मानित किया।
· यह सम्मान भारत-ओमान संबंधों में असाधारण योगदान और दूरदर्शी नेतृत्व के लिए दिया गया।
· प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को दोनों देशों की सदियों पुरानी मित्रता को समर्पित किया और इसे 1.4 अरब भारतीयों और ओमान के लोगों के बीच स्नेह का प्रतीक बताया।
· 1970 में स्थापित यह पुरस्कार चुनिंदा वैश्विक नेताओं को ही दिया जाता है।
वैश्विक मुद्दों पर एक राय: गाजा संकट और आतंकवाद पर स्टैंड
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की और कई मुद्दों पर सहमत नजरिया अपनाया।
· गाजा में मानवीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए समय पर और सुरक्षित मानवीय सहायता पहुंचाने का आह्वान किया।
· गाजा शांति योजना के पहले चरण पर हस्ताक्षर का स्वागत किया।
· आतंकवाद की हर अभिव्यक्ति की निंदा की और इस खतरे से निपटने के लिए निरंतर सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
दोनों देशों का दीर्घकालिक विकास लक्ष्य अब एक दूसरे से जुड़ गया है। नेताओं ने ओमान विजन 2040 और 2047 तक विकसित भारत बनने के भारत के लक्ष्य के बीच तालमेल का स्वागत किया।
6,75,000 से अधिक भारतीयों के समुदाय को ओमान में सहयोग और कल्याण के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने सुल्तान का आभार व्यक्त किया। ओमान पक्ष ने भी भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की।
यह यात्रा साबित करती है कि भारत और ओमान के बीच केवल व्यापारिक रिश्ते ही नहीं, बल्कि सदियों पुरानी सांस्कृतिक और मानवीय डोर भी हैं, जो आने वाले समय में और मजबूत होंगी। CEPA जैसा ऐतिहासिक समझौता न सिर्फ दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि की नींव रखेगा।
Author: ainewsworld