भारतीय दूरसंचार अनुसंधान का गौरव: सी-डॉट ने अमेरिका में जीता प्रतिष्ठित आईईईई एसए कॉरपोरेट पुरस्कार 2025

डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने न्यू जर्सी में ग्रहण किया सम्मान, श्री संदीप कुमार अग्रवाल को भी मिला मेडलियन पुरस्कार

भारत सरकार के प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र, सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (सी-डॉट) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। संस्थान को संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यू जर्सी में आयोजित आईईईई एसए (स्टैंडर्ड्स एसोसिएशन) पुरस्कार समारोह में प्रतिष्ठित ‘आईईईई एसए कॉरपोरेट पुरस्कार – 2025’ से सम्मानित किया गया है । सी-डॉट विश्व स्तर पर यह पुरस्कार पाने वाला पाँचवां और भारत का पहला संगठन बन गया है ।

पुरस्कार का महत्व और सी-डॉट का योगदान

· ग्लोबल मान्यता: आईईईई एसए, आईईईई (इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स) के अंतर्गत एक कार्यकारी इकाई है, जो दूरसंचार, एआई, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में वैश्विक मानक विकसित करती है । इसका कॉरपोरेट पुरस्कार मानक विकास में उत्कृष्ट नेतृत्व और योगदान के लिए दिया जाता है।
· पुरस्कार का आधार: सी-डॉट को यह सम्मान “वायरलेस ब्रॉडबैंड, ग्रामीण 5जी, दूरसंचार शिक्षा में आईईईई मानकों को आगे बढ़ाने और भारत से मानक-आधारित नवाचार के लिए वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त ढाँचे तैयार करने” में अग्रणी योगदान के लिए दिया गया है ।
· व्यक्तिगत सम्मान: सी-डॉट के वैज्ञानिक श्री संदीप कुमार अग्रवाल को ‘आईईईई एसए स्टैंडर्ड्स मेडलियन 2025’ से नवाजा गया। यह पुरस्कार उन्हें ग्रामीण ब्रॉडबैंड मानकों और समाधानों के विकास में उनके असाधारण नेतृत्व एवं योगदान के लिए प्रदान किया गया ।

नेतृत्व और सरकार की प्रतिक्रिया

न्यू जर्सी में आयोजित समारोह में सी-डॉट के सीईओ डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने कॉरपोरेट पुरस्कार ग्रहण किया । इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह संपूर्ण सी-डॉट परिवार के सामूहिक जुनून, समर्पण और भावना को दर्शाता है । उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार भारत से वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त, मानक-आधारित नवाचार ढाँचे के निर्माण के प्रयासों को मान्यता देता है ।

संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने सी-डॉट को इस ऐतिहासिक सम्मान के लिए बधाई दी है । उन्होंने कहा कि 140 वर्ष पुराने आईईईई से यह पुरस्कार पाने वाला सी-डॉट दुनिया का पाँचवां और भारत का पहला संगठन है । मंत्री ने श्री संदीप अग्रवाल को ग्रामीण ब्रॉडबैंड मानकों को आगे बढ़ाने में उनकी सेवाओं के लिए भी शुभकामनाएं दीं ।

‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक मजबूत कदम

इस उपलब्धि को देश की तकनीकी स्वावलंबन की दिशा में एक बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. उपाध्याय ने कहा कि यह मान्यता ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण की दिशा में सी-डॉट के समर्पित प्रयासों को प्रदर्शित करती है और प्रौद्योगिकी की उत्कृष्टता के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है ।

सी-डॉट के बारे में: सी-डॉट भारत सरकार का एक प्रमुख दूरसंचार अनुसंधान एवं विकास केंद्र है, जिसकी स्थापना 1984 में हुई थी । यह संस्थान डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी पहलों का समर्थन करते हुए स्वदेशी तकनीकों के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहा है । सी-डॉट वर्तमान में 5जी, 6जी, क्वांटम और साइबर सुरक्षा जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर काम कर रहा है ।

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Author: ainewsworld

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