
कोरोना महामारी के दौरान अपने माता-पिता या अभिभावक को खो चुके बच्चों की शिक्षा और भविष्य संवारने के लिए केंद्र सरकार की एक बड़ी पहल जारी है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा ‘पीएम केयर्स बच्चों के लिए छात्रवृत्ति’ योजना चलाई जा रही है, जिसके तहत प्रत्येक पात्र बच्चे को हर साल 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
यह सहायता राशि सीधे बच्चे के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए भेजी जाती है, ताकि उनकी पढ़ाई में किसी तरह की रुकावट न आए।
योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का मकसद उन बच्चों को शैक्षिक और आर्थिक सहारा देना है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण अपने दोनों माता-पिता, जीवित अभिभावक, कानूनी संरक्षक या दत्तक माता-पिता को खो दिया है। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे हर बच्चे की पढ़ाई जारी रहे और वह एक बेहतर भविष्य बना सके।
छात्रवृत्ति राशि का ब्योरा
पीएम केयर्स छात्रवृत्ति योजना के तहत दी जाने वाली 20,000 रुपये की वार्षिक राशि को दो हिस्सों में बांटा गया है:
· मासिक छात्रवृत्ति: 1,000 रुपये प्रति माह का भत्ता, जो बच्चे के रोजमर्रा के खर्चों में मदद करेगा।
· वार्षिक शैक्षणिक सहायता: 8,000 रुपये प्रति वर्ष की अतिरिक्त राशि, जिसका इस्तेमाल स्कूल की फीस, किताबें, यूनिफॉर्म, जूते और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामान खरीदने के लिए किया जा सकता है।
कौन है पात्र?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए बच्चे को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:
1. बच्चे ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता या अभिभावक को खोया हो।
2. बच्चा कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक किसी भी स्कूल में पढ़ रहा हो।
3. बच्चे के पास आधार कार्ड और उससे जुड़ा सक्रिय बैंक खाता होना चाहिए।
यह योजना देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समान रूप से लागू है।
लाभार्थियों की संख्या
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से इस योजना के तहत छात्रवृत्ति देना शुरू किया था। अब तक हजारों बच्चे इसका लाभ उठा चुके हैं। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक छात्रवृत्ति पाने वाले बच्चों की संख्या इस प्रकार है:
वित्तीय वर्ष छात्रवृत्ति पाने वाले बच्चों की संख्या
2022-23 3,847
2023-24 3,676
2024-25 3,383
2025-26 2,855
आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
इस योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया अधिकतर स्वचालित या प्राधिकारियों द्वारा पहचान के आधार पर होती है। फिर भी, लाभार्थियों या उनके संरक्षकों को निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने चाहिए:
· बच्चे का आधार कार्ड
· बच्चे का बैंक खाता विवरण (आधार से लिंक)
· माता-पिता/अभिभावक की मृत्यु का प्रमाणपत्र
· स्कूल से संबंधित प्रमाणपत्र
· पिछले साल की मार्कशीट
कहां से लें अधिक जानकारी?
योजना से जुड़ी अधिक जानकारी, दिशा-निर्देश और अपडेट के लिए इन आधिकारिक वेबसाइटों पर विजिट कर सकते हैं:
· पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन आधिकारिक पोर्टल: pmcaresforchildren.in
· सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, योजना का पेज: socialjustice.gov.in/schemes/102
पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन छात्रवृत्ति योजना कोविड-19 महामारी से प्रभावित बच्चों के लिए एक सुरक्षा कवच का काम कर रही है। यह न सिर्फ उनकी शिक्षा जारी रखने में मदद कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए आर्थिक आधार भी प्रदान कर रही है। अगर आपके आस-पास कोई ऐसा बच्चा है जो इस योजना का हकदार है, तो उसे जरूर जागरूक करें।
Author: ainewsworld