अम्मान में प्रधानमंत्री मोदी और किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी सभ्यतागत संबंधों की मजबूत नींव पर खड़ी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने बुधवार को अम्मान में भारत-जॉर्डन व्यापार मंच को संबोधित किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में क्राउन प्रिंस हुसैन और जॉर्डन के व्यापार एवं निवेश मंत्री भी मौजूद थे। इसी सप्ताह दोनों नेताओं के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद यह व्यापार मंच आयोजित किया गया था, जिसके बाद दोनों देशों ने पाँच समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए थे।
दोनों नेताओं ने अपने संबोधन में इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को और मजबूत करना ज़रूरी है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अगले पाँच वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करके 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा।
अम्मान व्यापार मंच की मुख्य बातें
प्रधानमंत्रीमोदी की यह यात्रा 37 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की जॉर्डन की पहली पूर्ण द्विपक्षीय यात्रा है। यह यात्रा उस ऐतिहासिक समय में हुई है जब दोनों देश अपने कूटनीतिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। बैठक में दोनों देशों के अवसंरचना, स्वास्थ्य, दवा निर्माण, उर्वरक, नवीकरणीय ऊर्जा, वस्त्र, रसद, ऑटोमोबाइल और रक्षा जैसे क्षेत्रों के व्यापारिक दिग्गजों ने भाग लिया।
नेताओं के प्रमुख बयान:
· किंग अब्दुल्ला द्वितीय: उन्होंने कहा कि जॉर्डन के मुक्त व्यापार समझौतों और भारत की आर्थिक शक्ति को जोड़कर दक्षिण एशिया और पश्चिम एशिया के बीच एक आर्थिक गलियारे का निर्माण किया जा सकता है।
· प्रधानमंत्री मोदी: उन्होंने जॉर्डन की कंपनियों को भारत के 1.4 अरब उपभोक्ताओं वाले बाजार, मजबूत विनिर्माण आधार और अनुकूल नीतिगत माहौल का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया। मोदी ने कहा कि भारत की 8% से अधिक की आर्थिक वृद्धि उत्पादकता और नवाचार पर केंद्रित नीतियों का नतीजा है।
द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
दोनों नेताओं ने अपने भाषण में कई ऐसे क्षेत्र रेखांकित किए जहाँ दोनों देश एक-दूसरे के सहायक हैं और मज़बूत साझेदारी कर सकते हैं।
आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी:
भारत वर्तमान मेंजॉर्डन का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। प्रधानमंत्री मोदी ने अगले पाँच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।
· व्यापार मंच का उद्देश्य: दोनों देशों के व्यवसायियों के बीच सीधे संवाद को बढ़ावा देना और निवेश के अवसर तलाशना।
· प्रमुख क्षेत्र: इन्फ्रास्ट्रक्चर, दवा निर्माण, उर्वरक, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और रक्षा।
रणनीतिक और वैश्विक भागीदारी:
· विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला: दोनों देशों ने वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला साझेदार बनने की इच्छा जताई।
· स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग: भारत का फार्मा क्षेत्र और जॉर्डन की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति पश्चिम एशिया एवं अफ्रीका के लिए एक केंद्र बनने में सहायक हो सकती है।
· क्षेत्रीय स्थिरता: आतंकवाद सहित क्षेत्रीय चुनौतियों पर चर्चा हुई और द्विपक्षीय सहयोग पर ज़ोर दिया गया।
प्रौद्योगिकी और नवाचार:
· डिजिटल सहयोग: डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे, फिनटेक और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति।
· स्टार्टअप और नवाचार: दोनों देशों के स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करना।
संस्कृति और पर्यटन:
· विरासत स्थलों का जुड़ाव: दोनों देशों ने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल पेट्रा (जॉर्डन) और एलोरा की गुफाओं (भारत) के बीच एक ‘ट्विनिंग समझौते’ पर हस्ताक्षर किए हैं।
· पर्यटन को बढ़ावा: इस समझौते का उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विरासत संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा देना है।
· सांस्कृतिक आदान-प्रदान: वर्ष 2025-2029 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम को नवीनीकृत किया गया है।
सतत विकास और पर्यावरण:
· नवीकरणीय ऊर्जा: नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर।
· जल प्रबंधन: जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में सहयोग पर भी समझौता हुआ है, जो जॉर्डन के लिए एक अहम मुद्दा है।
· हरित पहल: नवीकरणीय ऊर्जा, हरित वित्त और जल पुनर्चक्रण जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ तलाशी जाएँगी।
यात्रा का ऐतिहासिक महत्व
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा और उसके बाद आयोजित व्यापार मंच ने भारत और जॉर्डन के बीच रिश्तों को एक नई गति देने का काम किया है।
· सभ्यतागत संबंधों पर आधारित: मोदी ने अपने भाषण में इस बात को रेखांकित किया कि दोनों देशों के बीच मौजूदा साझेदारी उनके सदियों पुराने सभ्यतागत संबंधों की मजबूत नींव पर टिकी है।
· रणनीतिक साझीदार: जॉर्डन मध्य पूर्व में भारत का एक विश्वसनीय और अहम रणनीतिक साझीदार रहा है।
· भविष्य की नींव: इस यात्रा और व्यापार मंच को दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के एक नए और मजबूत अध्याय की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
अम्मान मेंआयोजित भारत-जॉर्डन व्यापार मंच ने दोनों देशों के बीच आपसी आर्थिक सहयोग को नई ऊर्जा दी है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा तय किया गया 5 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य और किंग अब्दुल्ला द्वितीय द्वारा प्रस्तावित ‘आर्थिक गलियारा’ दोनों देशों की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है.
Author: ainewsworld