राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह 2025 का समापन, राजीव सेठी ने दिया ‘आने वाली पीढ़ी के लिए हस्तशिल्प’ पर प्रेरक व्याख्यान

राष्ट्रीय हस्तशिल्प सप्ताह 2025 का समापन एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक आयोजन के साथ हुआ, जिसमें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात डिजाइनर और शिल्प विशेषज्ञ राजीव सेठी ने ‘आने वाली पीढ़ी के लिए हस्तशिल्प’ विषय पर अपना विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। यह व्याख्यान कमलादेवी चट्टोपाध्याय शिल्प व्याख्यान शृंखला के पहले संस्करण के रूप में आयोजित किया गया।

वस्त्र मंत्रालय के अधीन विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय द्वारा हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (EPCH) के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली स्थित अंतरराष्ट्रीय शिल्प परिसर ‘द कुंज’ में किया गया।

कमलादेवी चट्टोपाध्याय की विरासत को समर्पित पहल

यह व्याख्यान शृंखला भारत की महान स्वतंत्रता सेनानी और शिल्प पुनर्जागरण की जननी कमलादेवी चट्टोपाध्याय की दूरदर्शी सोच और योगदान को समर्पित है। उन्होंने भारतीय हस्तशिल्प और हथकरघा परंपराओं को न केवल पुनर्जीवित किया, बल्कि कारीगरों को संगठित कर उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

हस्तशिल्प बनाम तकनीकी युग: अहम सवाल

अपने उद्घाटन व्याख्यान में राजीव सेठी ने आधुनिक तकनीकी युग में हस्तनिर्मित उत्पादों के भविष्य को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया, मशीनीकरण, सांस्कृतिक समरूपता और पलायन जैसी चुनौतियों के बावजूद मानव हाथ की रचनात्मक शक्ति अद्वितीय और अपूरणीय है, जिसकी नकल कोई मशीन नहीं कर सकती।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि हस्तशिल्प केवल कला नहीं, बल्कि स्थिरता, स्थानीय आजीविका, महिला सशक्तिकरण और हाशिए पर खड़े समुदायों के विकास का मजबूत आधार है।

कारीगर भारत के विकास की धुरी

इस अवसर पर विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) श्रीमती अमृत राज ने कहा कि भारत के लाखों कारीगर देश के समावेशी और सतत विकास के दृष्टिकोण के केंद्र में हैं। उन्होंने बताया कि यह व्याख्यान शृंखला कमलादेवी जी के उस विचार को आगे बढ़ाती है, जिसमें शिल्प को शिक्षा, रोजगार और राष्ट्र निर्माण से जोड़ा गया है।

कार्यक्रम में विकास आयुक्त (हथकरघा) डॉ. एम. बीना, ईपीसीएच के पूर्व अध्यक्ष रवि के पासी, अतिरिक्त कार्यकारी निदेशक राजेश रावत, देशभर के प्रख्यात डिजाइनर, शिल्प गुरु, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता, विद्वान और वास्तुकारों सहित 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

हस्तशिल्प विकास की नोडल एजेंसी

भारत सरकार में विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय देश में हस्तशिल्प और कारीगर-आधारित गतिविधियों के विकास, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देने वाली नोडल एजेंसी है, जो पारंपरिक शिल्प कलाओं और कौशल को वैश्विक पहचान दिलाने में निरंतर कार्यरत है।

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Author: ainewsworld

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