राष्ट्रीय राजमार्गों पर दृश्यता बढ़ाने को लेकर नई पहल
सर्दियों के मौसम में कोहरे के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोहरे में दृश्यता बढ़ाने हेतु व्यापक उपाय लागू किए हैं। इन उपायों को दो प्रमुख श्रेणियों—इंजीनियरिंग उपाय और सुरक्षा जागरूकता उपाय—में विभाजित किया गया है।
इंजीनियरिंग उपाय:
एनएचएआई द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं। इसके तहत गायब या क्षतिग्रस्त सड़क संकेतों और रोड स्टड को दोबारा स्थापित किया जा रहा है। धुंधले या अपर्याप्त लेन और फुटपाथ चिह्नों को सुधारने का काम भी तेज़ी से किया जा रहा है।
इसके अलावा, मेटल बीम क्रैश बैरियर जैसे सड़क सुरक्षा उपकरणों पर रिफ्लेक्टिव मार्कर और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव पीले स्टिकर लगाए जा रहे हैं। निर्माणाधीन क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, डायवर्जन साइन और चेतावनी संकेतों को अनिवार्य किया गया है। कोहरे के दौरान बेहतर दृश्यता के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों के मध्य भाग के खुले स्थानों पर सोलर ब्लिंकर भी लगाए जा रहे हैं।
सुरक्षा जागरूकता उपाय:
यात्रियों को कम दृश्यता की स्थिति में सतर्क करने के लिए एनएचएआई ने कई जागरूकता आधारित पहल शुरू की हैं। राष्ट्रीय राजमार्गों पर परिवर्तनीय संदेश संकेत (VMS) और इलेक्ट्रॉनिक साइनबोर्ड के माध्यम से ‘कोहरे की चेतावनी’ और गति सीमा की जानकारी दी जा रही है।
घने कोहरे वाले इलाकों में सार्वजनिक संबोधन प्रणाली का उपयोग कर ड्राइवरों को समय-समय पर चेतावनी दी जाएगी। इसके साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्ड, रेडियो और सोशल मीडिया के माध्यम से भी सुरक्षा संदेश प्रसारित किए जाएंगे। वाहनों पर रिफ्लेक्टिव टेप लगाने को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे रात और कोहरे में वाहन आसानी से दिखाई दें।
निगरानी और आपातकालीन तैयारी:
एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे साप्ताहिक आधार पर रात के समय राष्ट्रीय राजमार्गों का निरीक्षण करें, ताकि दृश्यता का आकलन कर अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम किए जा सकें। घने कोहरे वाले क्षेत्रों के पास राजमार्ग गश्ती वाहन तैनात रहेंगे, जिनमें यातायात को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक कंट्रोल लाइट स्टिक उपलब्ध होंगी।
राजमार्ग कार्यों में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए रिफ्लेक्टिव जैकेट पहनना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए एनएचएआई स्थानीय पुलिस, एम्बुलेंस सेवाओं और नगर निगम अधिकारियों के साथ समन्वय करेगा। कोहरे से जुड़ी आपात स्थितियों से निपटने के लिए यातायात पुलिस के साथ संयुक्त अभ्यास भी किए जाएंगे।
यात्रियों के लिए एनएचएआई की सलाह:
एनएचएआई ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वालों से अपील की है कि वे कोहरे के दौरान सुरक्षित ड्राइविंग नियमों का पालन करें। इनमें लेन में वाहन चलाना, आगे चल रहे वाहन से सुरक्षित दूरी बनाए रखना, 30 किमी/घंटा या उससे कम गति से वाहन चलाना, हेडलाइट और बैकलाइट जलाकर रखना शामिल है।
इसके अलावा, राजमार्ग पर वाहन पार्क न करने, केवल निर्धारित ट्रक पार्किंग या सड़क किनारे सुविधाओं पर ही रुकने, निर्माण स्थलों और डायवर्जन के पास अतिरिक्त सावधानी बरतने तथा वाणिज्यिक वाहनों पर पूरी चौड़ाई में रिफ्लेक्टिव टेप लगाने की भी सलाह दी गई है।
एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि वह सर्दियों के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं को कम करने और यात्रियों को सुरक्षित व निर्बाध यात्रा उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
Author: ainewsworld