इतालवी उप प्रधानमंत्री एंटोनियो ताजानी की आधिकारिक भारत यात्रा के दौरान गुरुवार को मुंबई में भारत-इटली व्यवसाय मंच 2025 का आयोजन किया गया। इस मंच ने दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक आर्थिक सहयोग को एक नई गति प्रदान की।
मुंबई में आयोजित इस मंच में 150 से अधिक भारतीय और इतालवी कंपनियों के साथ-साथ वरिष्ठ सरकारी नेताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ताजानी के बीच एक द्विपक्षीय बैठक भी हुई, जिसमें व्यापार विस्तार, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और प्रौद्योगिकी साझेदारी जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
प्रमुख समझौते और निवेश
इस मंच के दौरान कई ठोस व्यावसायिक समझौतों और परियोजनाओं की घोषणा की गई, जो इस सहयोग की ठोस दिशा को दर्शाते हैं:
· इस्पात क्षेत्र में बड़ा अनुबंध: भारतीय इस्पात प्राधिकरण (SAIL) ने लगभग 50 करोड़ यूरो के अनुबंध पर इटली की डेनिएली ग्रुप के साथ हस्ताक्षर किए हैं। यह समूह तीन प्रमुख इस्पात संयंत्र परियोजनाओं के लिए अत्याधुनिक हरित प्रौद्योगिकी की आपूर्ति करेगा, जिनकी संयुक्त क्षमता 40 लाख टन प्रति वर्च से अधिक होगी।
· फैशन में सांस्कृतिक सहयोग: प्रादा स्पा ने लिडकॉम और लिडकर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत पारंपरिक कोल्हापुरी चप्पलों से प्रेरित एक सीमित संस्करण की सैंडल श्रृंखला बनाई जाएगी, जो इतालवी डिजाइन और भारतीय शिल्प कौशल का समन्वय होगी।
· खुदरा बाजार का विस्तार: इटली की कुवेरा स्पा और भारत की नियोपोलिस ब्रांड्स ने कार्पिसा के खुदरा व्यवसाय के भारत में विस्तार के लिए एक समझौता किया है। इस दीर्घकालिक योजना के तहत वर्ष 2045 तक 100 स्टोर खोले जाने का लक्ष्य है।
· नया संयुक्त उद्यम: इटली के कैवेग्ना ग्रुप ने एक नया संयुक्त उद्यम ‘कैवेग्ना ग्रुप एस ब्रास टेक प्राइवेट लिमिटेड’ स्थापित करने के लिए श्री गटेला के साथ करार किया है। इसमें कुल 50 लाख यूरो का इतालवी निवेश शामिल है।
सहयोग की रूपरेखा और भविष्य की दिशा
· जेसीईसी कार्यवृत्त पर हस्ताक्षर: इस मंच का एक प्रमुख परिणाम भारत-इटली आर्थिक सहयोग संयुक्त आयोग (JCEC) के 22वें सत्र के सहमत कार्यवृत्त पर औपचारिक हस्ताक्षर था। यह भविष्य के आर्थिक सहयोग के लिए एक ठोस कार्ययोजना का काम करेगा।
· यूरोपीय संघ-भारत मुक्त व्यापार समझौते का समर्थन: अपनी यात्रा से पहले दिए गए एक साक्षात्कार में, ताजानी ने कहा कि इटली यूरोपीय संघ और भारत के बीच महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को पूरी तरह से समर्थन करता है। उन्होंने आगे कहा कि इस पर “बहुत कुछ दांव पर लगा है” और एक सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ के नेतृत्व को जनवरी में गणतंत्र दिवस समारोहों के मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है, जहां एफटीए की घोषणा की जा सकती है।
· रणनीतिक साझेदारी: यह मंच मार्च 2023 में इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी की नई दिल्ली यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को “रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक उठाने से मिली गति को आगे बढ़ाता है।
· व्यापार लक्ष्य: ताजानी ने अपने साक्षात्कार में यह भी साझा किया कि इटली का लक्ष्य वर्तमान लगभग 14 बिलियन यूरो के स्तर से भारत के साथ व्यापार को 2029 तक 20 बिलियन यूरो तक बढ़ाने का है।
प्राथमिकता वाले क्षेत्र और व्यापक संवाद
मंच के दौरान ऑटोमोटिव, कचरे से ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा, खेल प्रौद्योगिकी, कृषि-खाद्य और कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया। साथ ही, दोनों देशों के मंत्रियों ने एआई, डीपटेक, फिनटेक और औद्योगिक प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने के लिए भारत की अग्रणी यूनिकॉर्न कंपनियों के साथ भी बातचीत की। इसके अतिरिक्त, दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग, अंतरिक्ष और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) जैसे रणनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा की।
व्यापक आर्थिक संबंध
· इटली, यूरोपीय संघ में भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
· 2024-25 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग 13.76 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था।
· इटली से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल, मशीनरी और विद्युत उपकरणों जैसे क्षेत्रों में केंद्रित है।
इस मंच ने भारत और इटली के बीच आपसी आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के साझा इरादे को रेखांकित किया है, जिससे दोनों देशों के व्यवसायों और लोगों को व्यापक लाभ हो
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Author: ainewsworld