आदर्श युवा ग्राम सभा: स्कूलों में लोकतंत्र का जीवंत मॉडल तैयार कर रहा भावी नागरिक

पंचायती राज मंत्रालय की अनूठी पहल से देशभर के स्कूलों में ग्राम सभा का अनुभवात्मक अनुकरण कर रहे हैं हज़ारों छात्र, 27,500 से अधिक युवा हो चुके हैं शामिल।

देश के युवाओं को जमीनी लोकतंत्र की बारीकियों से सीधे रूबरू कराने के लिए केंद्र सरकार की ‘आदर्श युवा ग्राम सभा’ (Model Youth Gram Sabha – MYGS) पहल राष्ट्रव्यापी स्तर पर ज़ोर पकड़ रही है। पंचायती राज मंत्रालय (MoPR) की इस अभिनव पहल के तहत, स्कूली छात्र एक मॉडल ग्राम सभा का आयोजन करते हुए एजेंडा तय करने, बहस-मुबाहिसा, बजट बनाने और प्रस्ताव पारित करने जैसे वास्तविक प्रक्रियाओं का अनुभव ले रहे हैं। यह पहल उन्हें सामूहिक निर्णय लेने और समावेशी विकास योजना बनाने का व्यावहारिक ज्ञान देने के साथ-साथ उनमें जिम्मेदार नागरिकता के गुण विकसित कर रही है।

क्या है आदर्श युवा ग्राम सभा?

आदर्श युवा ग्राम सभा जमीनी लोकतंत्र का एक अनुभवात्मक शिक्षण मॉडल है, जिसे स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (DoSEL), जनजातीय कार्य मंत्रालय (MoTA) और राज्य सरकारों के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत छात्र वैधानिक ग्राम सभा प्रक्रियाओं की हूबहू नकल करते हुए एक मॉक सत्र चलाते हैं। इस प्रक्रिया से गुज़रकर वे न सिर्फ स्थानीय शासन की कार्यप्रणाली समझते हैं, बल्कि संवाद, नेतृत्व, सहमति निर्माण और समस्या-समाधान जैसे महत्वपूर्ण कौशल भी हासिल करते हैं।

देशव्यापी कवरेज: प्रभावशाली आंकड़े

इस पहल को पहले चरण (फेज़-I) में देश के 1306 स्कूलों में लागू किया गया है, जिसमें 620 जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV), 200 एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल (EMRS), महाराष्ट्र के 172 जिला परिषद स्कूल और कर्नाटक सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त 314 स्कूल शामिल हैं। 1 दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के अनुसार, 35 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों के 654 स्कूलों में आदर्श युवा ग्राम सभा का सफल आयोजन किया जा चुका है, जिसमें 27,523 से अधिक छात्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई है।

मूल्यांकन एवं निगरानी की मज़बूत प्रणाली

पहल की गुणवत्ता और प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए पंचायती राज मंत्रालय ने एक व्यापक मूल्यांकन फ्रेमवर्क विकसित किया है। यह मूल्यांकन स्कूल-स्तर से शुरू होकर क्षेत्रीय-स्तर की प्रतियोगिताओं तक जाता है, जहाँ चयनित टीमों का विशेष मानदंडों पर आकलन किया जाता है। पहल की प्रगति की निगरानी मौजूदा ‘पंचायत निर्देशिका पोर्टल’ के माध्यम से की जा रही है, जहाँ स्कूल अपनी गतिविधियों के दस्तावेज़ अपलोड करते हैं।

क्षमता निर्माण: ट्रेन-द-ट्रेनर मॉडल

इस पहल की सफलता के पीछे एक सशक्त प्रशिक्षण रणनीति काम कर रही है। सबसे पहले राष्ट्रीय स्तर के मास्टर प्रशिक्षक (NLMT) तैयार किए गए। इन प्रशिक्षकों ने अपने-अपने राज्यों में जेवीएन और ईएमआरएस स्कूलों के नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षित किया। अंततः इन शिक्षकों ने अपने स्कूलों के छात्रों को इस गतिविधि के लिए तैयार किया और मार्गदर्शन दिया।

भविष्य की दिशा

आदर्श युवा ग्राम सभा पहल नौनिहालों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़ाकर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का जीवंत अनुभव दे रही है। यह पहल न सिर्फ भावी पीढ़ी में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना बल्ध रही है, बल्कि उन्हें देश के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए तैयार कर रही है। इसका विस्तार आगे और अधिक स्कूलों तक किए जाने की उम्मीद है, ताकि देश का हर युवा लोकतंत्र की इस पाठशाला का हिस्सा बन सके।

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Author: ainewsworld

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