देशभर में पंचायतों को मजबूत और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) तेजी से आगे बढ़ रहा है। पंचायत व्यवस्था राज्य का विषय होने के कारण ग्राम पंचायतों की आधारभूत संरचना, भवन व इंटरनेट कनेक्टिविटी की ज़िम्मेदारी राज्य सरकारों की है, लेकिन केंद्र सरकार भी इसमें महत्वपूर्ण सहयोग दे रही है।
ग्राम पंचायत भवनों का निर्माण तेज
योजना के तहत उन पंचायतों पर विशेष ध्यान दिया गया जो 3,000 से अधिक जनसंख्या वाली हैं और अभी तक अपना भवन नहीं रखती थीं।
अब तक देशभर में 13,342 ग्राम पंचायत भवनों के निर्माण को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनमें—
- उत्तर प्रदेश – 1,273 भवन
- बिहार – 500 भवन
शामिल हैं।
इन भवनों का उपयोग पंचायत बैठकों, ग्राम सभा, कार्यालय कार्यों और सामुदायिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
पंचायतों को कंप्यूटर और डिजिटल सुविधाएँ
आरजीएसए योजना के तहत 55,587 कंप्यूटरों की खरीद को हरी झंडी मिली है। इनमें से—
- उत्तर प्रदेश – 3,145 कंप्यूटर
- बिहार – 4,267 कंप्यूटर
स्वीकृत किए गए हैं।
गोवा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों ने जानकारी दी है कि अब कोई भी ग्राम पंचायत कंप्यूटर रहित नहीं है।
ई-ग्रामस्वराज का उपयोग पूरे देश में
देश की सभी ग्राम पंचायतें निजी प्रदाताओं या भारतनेट परियोजना के जरिए इंटरनेट का उपयोग कर रही हैं।
इसके माध्यम से पंचायतें—
✔ डिजिटल प्लानिंग
✔ Online लेखा-जोखा
✔ निगरानी
✔ Online भुगतान
जैसे कार्य ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर कर रही हैं।
ई-ग्रामस्वराज को PFMS से जोड़ा गया है, जिससे विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को रीयल-टाइम भुगतान होता है और फंड का प्रवाह सुचारू रहता है।
इसके साथ ही सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) से भी एकीकरण किया गया है, जिससे पंचायतें सीधे प्लेटफॉर्म पर सामान और सेवाओं की खरीद कर रही हैं।
भारतनेट परियोजना से 2.18 लाख तकनीकी रूप से सक्षम पंचायतें
देशभर में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारतनेट परियोजना को लगातार लागू किया जा रहा है। अब तक—
2.18 लाख ग्राम पंचायतों/स्थानीय निकायों में हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराया जा चुका है।
कैबिनेट ने संशोधित भारतनेट कार्यक्रम को भी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत पुराने नेटवर्क को अपग्रेड किया जाएगा और बाकी पंचायतों में तेज नेटवर्क प्रदान किया जाएगा।
ऑडिट और पारदर्शिता के लिए नई एप्लिकेशन
पंचायतों के वित्तीय प्रबंधन व पारदर्शिता के लिए सरकार द्वारा कई ऐप विकसित किए गए हैं—
- ऑडिटऑनलाइन – पंचायत खातों के ऑनलाइन ऑडिट के लिए
- मेरी पंचायत – विकास कार्यों और योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुँचाने के लिए
- पंचायत निर्णय – ग्राम सभाओं के बेहतर संचालन के लिए
उत्तर प्रदेश में डिजिटल पंचायत की बड़ी उपलब्धि
राज्य की 58,596 पंचायतों में से 58,562 पंचायतों ने अपनी पंचायत विकास योजना (PDP) तैयार कर ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर अपलोड कर दी है।
यह डिजिटल शासन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
नागरिक चार्टर अपलोड – ‘जन सेवाएँ हमारे द्वार’
मंत्रालय ने आदर्श पंचायत नागरिक चार्टर जारी किया है, ताकि सेवाएँ समय पर मिलें और शिकायतों का समाधान तेज़ हो।
“मेरी पंचायत – मेरा अधिकार” अभियान के जरिए अब तक—
2.15 लाख पंचायतों ने अपने नागरिक चार्टर अपलोड कर दिए हैं।
इनमें उत्तर प्रदेश की 33 सेवाओं सहित 954 सेवाएँ शामिल हैं।
राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के जरिए देश की पंचायत व्यवस्था में—
✔ पारदर्शिता
✔ तकनीकी सुधार
✔ ई-गवर्नेंस
✔ नागरिक सुविधा
को बढ़ावा मिल रहा है। डिजिटल कनेक्टिविटी व इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से ग्रामीण भारत की पंचायतें अब आधुनिक सार्वजनिक सेवा केंद्र बन रही हैं.
Author: ainewsworld