
राष्ट्रपति पुतिन की दिल्ली यात्रा में ऐतिहासिक सौदे। जानें 30 दिन के मुफ्त ई-वीजा, $100 बिलियन व्यापार लक्ष्य, स्वास्थ्य-शिक्षा-ऊर्जा समझौतों और 2030 रणनीति के बारे में विस्तार से।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा ने दोनों देशों के बीच आठ दशक पुरानी मित्रता को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। इस ऐतिहासिक विजिट के दौरान 16 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर हुए और एक 2030 तक का रणनीतिक आर्थिक रोडमैप जारी किया गया।
सबसे बड़ी और सीधे आम लोगों से जुड़ी घोषणा में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी नागरिकों के लिए 30 दिन का निःशुल्क ई-टूरिस्ट वीजा और 30 दिन का निःशुल्क समूह पर्यटक वीजा शुरू करने की घोषणा की। यह कदम द्विपक्षीय पर्यटन और लोगों-से-लोगों के संपर्क को अभूतपूर्व गति देने वाला माना जा रहा है।
✈️ यात्रा और पर्यटन: सुगम हुई आवाजाही
इस यात्रा में यात्रा सुगमता को विशेष प्राथमिकता दी गई। जहां भारत ने रूसी नागरिकों के लिए वीजा प्रक्रिया आसान की, वहीं रूस से भी भारतीयों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा की संभावना जताई गई है।
मुख्य घोषणाएं:
· रूसी पर्यटकों के लिए निःशुल्क भारतीय ई-वीजा: अब रूसी नागरिक ऑनलाइन आवेदन करके 30 दिनों के भारत प्रवास के लिए मुफ्त ई-टूरिस्ट वीजा प्राप्त कर सकेंगे।
· समूह पर्यटक वीजा: रूस से आने वाले टूर ग्रुप्स को भी निःशुल्क 30 दिन का वीजा मिलेगा, जिससे पर्यटन उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
· भारतीयों के लिए वीजा-मुक्त यात्रा की संभावना: रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस वसंत 2025 से भारतीयों के लिए वीजा-मुक्त समूह पर्यटन शुरू कर सकता है।
💰 आर्थिक और रणनीतिक सहयोग: $100 बिलियन का लक्ष्य
दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को नई गति देने का संकल्प लिया। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार, जो वर्तमान में $64 बिलियन** के स्तर पर है, उसे **$100 बिलियन तक पहुंचाने पर विचार चल रहा है।

प्रमुख बिंदु:
· 2030 का विजन डॉक्यूमेंट: दोनों देशों ने 2030 तक रणनीतिक आर्थिक सहयोग के लिए एक रोडमैप स्वीकार किया, जिसमें व्यापार को विविध, संतुलित और टिकाऊ बनाने पर जोर है।
· ऊर्जा साझेदारी: पुतिन ने भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस को एक “विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता” बताया।
· उन्नत प्रौद्योगिकी: छोटे मॉड्यूलर परमाणु रिएक्टर, फ्लोटिंग न्यूक्लियर पावर प्लांट और गैर-ऊर्जा क्षेत्रों (जैसे चिकित्सा) में परमाणु तकनीक के सहयोग पर सहमति बनी।
⚕️ समग्र साझेदारी: स्वास्थ्य से शिक्षा तक
इस यात्रा में केवल राजनयिक और आर्थिक मुद्दे ही नहीं, बल्कि मानव कल्याण और विकास से जुड़े व्यापक समझौते भी हुए।
· प्रवासन एवं श्रम गतिशीलता: दोनों देशों के नागरिकों की अस्थायी श्रम गतिविधियों को बढ़ावा देने और अनियमित प्रवासन से निपटने के लिए समझौते।
· स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा: चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा अनुसंधान और खाद्य सुरक्षा मानकों के क्षेत्र में सहयोग।
· समुद्री एवं ध्रुवीय सहयोग: ध्रुवीय जलक्षेत्र में जहाज संचालन के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षण और समुद्री सुरक्षा पर समझौता ज्ञापन।
· शैक्षणिक और मीडिया सहयोग: पुणे के रक्षा उन्नत प्रौद्योगिकी संस्थान और टॉम्स्क स्टेट यूनिवर्सिटी के बीच शैक्षणिक सहयोग समझापन। प्रसार भारती और रूसी मीडिया समूहों के बीच प्रसारण सहयोग के कई समझौते।
🕊️ वैश्विक मुद्दे और निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण और टिकाऊ समाधान की पैरवी की। दोनों नेताओं ने आतंकवाद की निंदा करते हुए इस खतरे से मिलकर निपटने की प्रतिबद्धता जताई। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत-रूस की दोस्ती “ध्रुव तारे” की तरह अडिग रही है।
राष्ट्रपतिपुतिन की यह यात्रा न केवल ऐतिहासिक भारत-रूस रिश्तों का पुष्टिकरण है, बल्कि भविष्य की रणनीतिक साझेदारी का ठोस आधार भी तैयार करती है। वीजा सुविधाओं के विस्तार से लेकर ऊर्जा और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गहन सहयोग तक, यह दौरा दोनों राष्ट्रों के लिए एक जीत-जीत की स्थिति साबित होता दिख रहा है। 2030 का रोडमैप इस बात का संकेत है कि यह साझेदारी अगले दशक में और गहन व विस्तृत होगी।
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Author: ainewsworld