सरकार की मुहिम रंग ला रही, PM E-DRIVE और PLI जैसी योजनाओं से इलेक्ट्रिक वाहनों को मिल रहा ऐतिहासिक बढ़ावा।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) क्रांति को गति देने के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजनाएं अब ठोस रूप ले रही हैं। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, देश भर में अब तक 39,485 पब्लिक EV चार्जर स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें से 8,414 फास्ट चार्जर शामिल हैं। यह जानकारी BHEL से प्राप्त आंकड़ों में सामने आई है।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती
बिजली मंत्रालय ने EV उपयोगकर्ताओं की ‘रेंज एंग्जाइटी’ (बैटरी खत्म होने की चिंता) दूर करने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके तहत एक जुड़े हुए और इंटरऑपरेबल चार्जिंग नेटवर्क के निर्माण, बैटरी स्वैपिंग को बढ़ावा देने और प्राइवेट क्षेत्र को बिना लाइसेंस इस क्षेत्र में उतरने की छूट दी गई है। PM E-DRIVE योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
ई-बसों के लिए बड़ा प्लान
सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिक बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया जा रहा है। PM E-DRIVE योजना के पहले चरण में पांच शहरों के लिए 10,900 ई-बसें आवंटित की गई हैं और इनके ऑपरेटरों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दूसरे चरण में अतिरिक्त 2,900 ई-बसों का आवंटन किया गया है। वहीं, ई-बस ऑपरेटरों को वित्तीय सुरक्षा देने के लिए 3,435 करोड़ रुपये की एक अलग योजना भी शुरू की गई है।
निर्माण को प्रोत्साहन
इलेक्ट्रिक कारों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए भारी उद्योग मंत्रालय ने विशेष योजना (SPMEPCI) अधिसूचित की है। इसके साथ ही, PLI ऑटो योजना (25,938 करोड़ रुपये) और ACC बैटरी PLI योजना (18,100 करोड़ रुपये) से भी EV इकोसिस्टम को मजबूत करने में मदद मिल रही है।
सरकार का रोडमैप
हालांकि भारत ने EVs के लिए कोई विशेष बिक्री लक्ष्य तय नहीं किया है, लेकिन सरकार ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, वाहन निर्माण, बैटरी उत्पादन और सार्वजनिक परिवहन – हर स्तर पर चल रही इन योजनाओं का उद्देश्य देश को इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में एक वैश्विक हब बनाना है।
Author: ainewsworld