खेल और सेवा की मिसाल: विश्व कप जीतने वाली तीनों महिला क्रिकेटरों को रेलवे ने OSD बनाकर किया सम्मानित,जानिए कैसे विश्व कप जीतने के बाद प्रतीका रावल, स्नेह राणा और रेणुका ठाकुर की जिंदगी बदल गई

3 दिसंबर 2025: भारतीय रेलवे ने खेल जगत में एक नई मिसाल कायम करते हुए वर्ष 2025 आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप की विजेता टीम की तीन नायिकाओं – प्रतीका रावल, स्नेह राणा और रेणुका सिंह ठाकुर – को असाधारण पदोन्नति प्रदान की है। तीनों खिलाड़ियों को विशेष कार्य अधिकारी (खेल) के ग्रुप ‘बी’ राजपत्रित अधिकारी पद पर आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन के माध्यम से पदोन्नत किया गया है।

यह निर्णय देश के सबसे बड़े नियोक्ता संगठनों में से एक द्वारा खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को मान्यता और सुरक्षा प्रदान करने की एक लंबी परंपरा को आगे बढ़ाता है।

एक नजर में: पदोन्नति के मुख्य बिंदु

· पद का नाम: ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) – खेल, ग्रुप ‘बी’ गजेटेड।
· वेतनमान: सातवें वेतन आयोग के लेवल-8 के अनुसार।
· पदोन्नति का प्रकार: आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन (सामान्य कार्यक्रम से इतर)।
· लाभ: वित्तीय सुरक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ।

विश्व कप विजेताओं का सफर: क्लर्क से अधिकारी तक

इस पदोन्नति के साथ, तीनों खिलाड़ी अब महज रेलवे कर्मचारी नहीं, बल्कि ग्रुप ‘बी’ के अधिकारी बन गई हैं। उनके पद और भूमिका में यह बदलाव उनकी मेहनत और राष्ट्र के लिए दिए गए योगदान का स्पष्ट प्रतिफल है।

प्रतीका रावल (दिल्ली): पदोन्नति से पहले उत्तर रेलवे में वरिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत थीं। टीम की सलामी बल्लेबाज रावल ने विश्व कप में भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

स्नेह राणा (उत्तराखंड): पदोन्नति से पहले उत्तर रेलवे में कमर्शियल कम टिकट क्लर्क (सीसीटीसी) थीं। एक कुशल ऑलराउंडर के रूप में उन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अहम भूमिका निभाई।

रेणुका सिंह ठाकुर: पदोन्नति से पहले उत्तर रेलवे में कनिष्ठ लिपिक थीं। दाएं हाथ की यह मध्यम तेज गेंदबाज महत्वपूर्ण मैचों में निर्णायक ओवर फेंककर टीम को जीत दिलाने में कामयाब रहीं।

सम्मान और सुरक्षा का दोहरा लाभ

रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड (आरएसपीबी) की इस पहल का उद्देश्य दोहरा है।

· वित्तीय स्थिरता: पदोन्नति के बाद तीनों खिलाड़ी अब एक स्थिर और बेहतर वेतनमान की हकदार हैं, जो उनके खेल करियर को निःसंकोच आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
· प्रशासनिक भूमिका: ओएसडी के पद पर उन्हें प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ भी सौंपी जाएंगी, जिससे वे भविष्य में रेलवे के खेल विकास में भी योगदान दे सकेंगी।

इससे पहले नवंबर माह में, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में इन तीनों विश्व कप विजेताओं से मुलाकात कर उनका सम्मान भी किया था।

भारतीय रेलवे: खिलाड़ियों का सबसे बड़ा संवर्धक

भारतीय रेलवे का खेलों को प्रोत्साहन देने का इतिहास लगभग एक सदी पुराना है। वर्ष 1928 में स्थापित रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड (आरएसपीबी) आज 29 अलग-अलग खेल विधाओं को सहयोग देता है। रेलवे की इस पहल का ही नतीजा है कि आज 9,000 से अधिक एथलीट विभिन्न खेलों में रेलवे की नौकरी के साथ-साथ अपना खेल करियर भी जारी रखे हुए हैं।

इस वर्ष ही, रेलवे से जुड़े पाँच एथलीटों को प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया था। कुल मिलाकर, रेलवे के खिलाड़ियों ने अब तक 183 अर्जुन पुरस्कार सहित राष्ट्रीय स्तर के सैकड़ों पुरस्कार जीते हैं।

नए पद के मायने

ओएसडी (खेल) के ग्रुप ‘बी’ पद पर पदोन्नति का मतलब है:

· कार्य की प्रकृति: खेलों से संबंधित विशेष प्रशासनिक एवं संवर्धन कार्य।
· कैरियर मार्ग: रेलवे प्रशासन में उन्नति के नए अवसर।
· संदेश: देशभर के लाखों युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक प्रेरणादायक संदेश है कि नौकरी और खेल करियर को साथ-साथ सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया जा सकता है।

स्नेह राणा ने सोशल मीडिया पर इस पदोन्नति की सराहना करते हुए कहा था, “रेल मंत्रालय को मेरी कोशिशों को पहचानने और मुझे ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (स्पोर्ट्स) के पद पर प्रमोट करने के लिए दिल से धन्यवाद। एक खिलाड़ी के तौर पर रेलवे आपके लिए सबसे अच्छी संस्था है”।

भारतीय रेलवे का यह कदम न केवल तीनों महिला क्रिकेटरों के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है, बल्कि यह देश में खेल संस्कृति और खिलाड़ी कल्याण के प्रति एक संस्थागत प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।

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Author: ainewsworld

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